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एक माह बाद भी बच्चों को नहीं मिलीं किताबें

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मऊ। शिक्षा सत्र का 34 दिन बीत गया, लेकिन जिले के परिषदीय विद्यालयों के बच्चों में नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण नहीं हो सका है। ऐसे में विभाग की ओर से पुरानी किताबों का ही वितरण किया जा रहा है। ताकि पठन-पाठन बाधित न हो सके। जिले में 1208 परिषदीय विद्यालय, 94 सहायता प्राप्त, 56 समाज कल्याण सहित 67 माध्यमिक विद्यालयों में 2.34 लाख पहली से आठवीं कक्षा के बच्चे अध्ययनरत हैं। इन्हें हर साल नि:शुल्क किताबें वितरित की जाती हैं। इस बार भी इनका वितरण किया जाना है लेकिन नए सत्र शुरू होने के 35 दिन बीत जाने के बाद भी बच्चों को अभी तक पुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। विभाग की तरफ से बच्चों में पुरानी पाठ्य पुस्तकों का वितरण कराया तो गया है। लेकिन बच्चों को आधी अधूरी ही किताबें मिल सकी हैं। शिक्षकों की मानें तो सभी बच्चों के पास किताबें सुरक्षित नहीं है। ऐसे में बच्चे बिन किताबों के ही पढ़ाई करने को विवश हैं। नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण न होने से अभिभावकों को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सताने लगी है। बढुआगोदाम क्षेत्र के सत्यनारायण प्रसाद, राजनारायण यादव, सावित्री देवी का कहना है कि बच्चों को अब तक पुस्तक नहीं मिल पाई है। कब पुस्तक मिलेगी पता नहीं चल पा रहा है। शिक्षक आश्वासन देकर टाल दे रहे हैं। बीएसए डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करवाई जा रही है। पुस्तकें उपलब्ध होते ही उनका जल्द से जल्द बच्चों में वितरण कराया जाएगा।
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