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ईपीएफ घोटाला : सेवा प्रदाता कंपनी के संचालक पर मुकदमा दर्ज कराया

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नगर पालिका के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक ने नगर पालिका में सेवा प्रदाता कंपनी के संचालक पर 285 कर्मचारियों के ईपीएफ घोटाले के मामले में मुकदमा दर्ज कराया है। ईपीएफ कोर्ट के आदेश पर नगर पालिका प्रशासन ने शहर कोतवाली में शुक्रवार को मुकदमा दर्ज कराया।
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नगर पालिका के सफाई एवं खाद्य निरीक्षक नरेंद्र कुमार ने बताया कि मेसर्स सिंह कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर दिलीप सिंह उर्फ दीपू ने नगर पालिका में सेवा प्रदाता सफाई कर्मचारी व अन्य का ठेका लेकर नगर के दलित, मलिन, कांशीराम आवास और अन्य वार्डों में कार्य कराया।
इस दौरान सफाई श्रमिकों की ईपीएफ धनराशि 57 लाख 19 हजार 540 रुपये का भुगतान नगर पालिका ने किया। लेकिन, मेसर्स सिंह कंस्ट्रक्शन ने ईपीएफ की राशि श्रमिकों के खाते में जमा नहीं कराई। सफाई एवं खाद्य निरीक्षक ने बताया कि जब श्रमिकों ने ईपीएफ न मिलने की शिकायत की तो क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त को इससे अवगत कराया गया। नगर पालिका को ईपीएफ के संबंध में दी गई रसीद भी जांच में फर्जी मिली। इसके बाद आरोपी को नोटिस देकर ईपीएफ की राशि जमा करने का निर्देश दिया गया। इसके बाद भी राशि जमा न कराने पर नगर पालिका प्रशासन ने शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया।
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नोटिस को भी अनदेखा किया
ईपीएफ घोटाले के मामले में मेसर्स सिंह के ठेकेदार को भविष्य निधि संगठन की ओर से 16 नवंबर 2021, फिर 01 दिसंबर, फिर 10 दिसंबर, फिर 13 दिसंबर को नोटिस जारी कर ईपीएफ राशि अगस्त 2022 तक जमा कराने का निर्देश दिया था। नगर पालिका ने भी इस मामले में कम से कम 12 बार नोटिस भेजकर राशि कर्मचारियों के खाते में भेजने के लिए कहा था, लेकिन इसकी अनदेखी की गई।
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