घोसी। विद्युत वितरण खंड तृतीय के उप खंड प्रथम में तैनात कार्यकारी सहायक पर बिजली बिल के चार करोड़ 51 लाख 51 हजार 76 रुपये गबन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया। जांच में पुष्टि के बाद अधिशासी अभियंता ने कोतवाली घोसी में एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप के अनुसार, कार्यकारी सहायक रवि प्रकाश सिंह ने बिजली बिल जमा करने में अनियमितता की है। विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों की मिलीभगत से कुछ धनराशि जमा करने पर पिछला बकाया समाप्त कर दिया जाता था। इससे बिजली विभाग के राजस्व संग्रह में कमी होने लगी। विभागीय समीक्षा के बाद कम बिजली बिल जमा होने के मामले में कार्यकारी सहायक को निलंबित करते हुए विभाग की तरफ से अधिशासी अभियंता विद्युत परीक्षण खंड प्रथम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया था। टीम ने जून 2017 से दिसंबर 2021 की अवधि के दौरान बिजली बिल जमा किए जाने की जांच की। इसमें कार्यकारी सहायक रवि प्रकाश सिंह चार करोड़ 51 लाख 51 हजार 76 रुपये 50 पैसे के गबन के दोषी पाए गए। विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर अधिशासी अभियंता तृतीय ने कार्यकारी सहायक के विरुद्ध घोसी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद बिजली बिल जमा करने में अनियमितता के खेल में शामिल अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों में हड़कंप है। विद्युत वितरण खंड तृतीय आशीष कुमार सेठ का कहना है कि विभागीय जांच प्रक्रिया चल रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।