मऊ-बढुआ/गोदाम। फर्जी वैकेंसी निकालकर ठगी करने के मामले में एक के एक बड़ा खुलासा होता दिख रहा है। इस खेल का मास्टर माइंड संजय यादव ने अपने एनजीओ के माध्यम से दो हजार वैकेंसी का विज्ञापन निकालकर करीब आठ हजार लाभार्थियों को अपने झांसे में ले लिया था। शातिर ठग के झांसे में आकर एक-एक अभ्यर्थी रोजगार की उम्मीद में फार्म भरने में 1600 रुपये का भुगतान किया था। इस तरह से यह राशि एक करोड़ से ऊपर बनती है। बताते चले कि बीते रविवार को सरायलंखसी पुलिस ने सैकड़ों युवाओं द्वारा कृषि एवं पर्यावरण अनुसंधान संस्थान में नौकरी के नाम पर झांसा देने का आरोप लगाते हुए पुलिस को पत्रक सौंपा था। इस मामले में पुलिस ने संस्था के संचालक सरायलंखसी थाना क्षेत्र के सरवा ग्राम पंचायत निवासी संजय यादव और आजमगढ़ निवासी रसूल मोहम्मद, आनंद सिंह, सौरभ कुमार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर रसूल मोहम्मद, आनंद सिंह, सौरभ कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ में जुटी है। वहीं इस स्कैम का मास्टरमाइंड संजय यादव फरार है। वहीं जांच के दौरान पता चला कि है कि फरार संजय यादव द्वारा बेहद शातिराना ढंग से अपने एनजीओ के नाम का प्रयोग करते हुए कपास मित्र और फार्म क्लीनिक इंचार्ज के लिए दो हजार रिक्त पदों के लिए फर्जी विज्ञापन निकाला गया। जिसमें इसके आवेदन की तिथि 13 मार्च से 17 अप्रैल तक दिखाई गई। इसमें पंजीकरण के लिए सोलह सौ रुपये का शुल्क भी निर्धारित कर दिया। उधर विज्ञप्ति सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रदेश सभी जनपदों से करीब आठ हजार से अधिक युवकों ने आवेदन किया था। जहां एक अभ्यर्थी ने रोजगार की चाह में वेबसाइट के माध्यम से सोलह सौ शुल्क भी जमा कर दिया। चौकाने वाली बात है कि रोजगार पाने की अंतिम तिथि अभी 17 अप्रैल दिखाया गया था। यानी समय रहते इस मामले का खुलासा न होने पर और भी बड़ी संख्या में युवाओं के फंसने की संभावना थी।
ज्वाइनिंग के समय हर एक युवा से बारह हजार रुपये लेने की थी योजना
बढुआगोदाम। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले सरिता, विनित, ललित, चंद्रसेन, शेर बहादुर आदि ने बताया कि फार्म भरने के बाद बीते 13 नवंबर को लखनऊ स्थित एक स्कूल में परीक्षा कराया गया था और 27 जनवरी ज्वाइनिंग लेटर के लिए मऊ जिला मुख्यालय पर बुलाकर फर्जी तरीके से हस्ताक्षर बनाकर ज्वाइनिंग लेटर दे दिया गया।आरोप लगाया कि यहां आरोपियों ने पीड़ितों से बारह हजार पांच सौ रुपये प्रतिमाह देने के लिए कहा गया था। लेकिन इस दौरान उन्होंने जब जागरूकता दिखाते हुए ज्वाइनिंग लेटर की ऑनलाइन जांच की गई तो वह फर्जी निकाला। जिसके बाद सैकड़ों की संख्या में अभ्यर्थियों ने सरायलखंसी थाने पर विरोध प्रदर्शन किया।