शहर के मिर्जाहादीपुरा से मुंशीपुरा पुल तक सड़क किनारे बने नए नाले पर वाहन धुलाई सेंटरों और गैरेज वालों ने अतिक्रमण कर रखा है। साथ ही आधी सड़क पर खड़े मालवाहक वाहनों और ट्रकों के चलते 30 फीट चौड़ी सड़क सिकुड़ कर 20 फीट रह गई है। वहीं बलिया मोड़ पर भीटी पुलिस चौकी के सामने शाम होते-होते सड़क किनारे ट्रकों की लंबी कतार लग जाती है। इसके चलते अन्य वाहनों को निकलने में परेशानी होती है। शहर में भारी वाहनों के प्रवेश नहीं रुक रहा है। दिन में ही शहर की सड़कों पर खड़े कर वाहन खाली किए जा रहे हैं। खाली करने के बाद दिनभर उन्हें वहीं खड़ा कर दिया जाता है।
मिर्जाहादीपुरा से मुंशीपुरा फ्लाईओवर तक लकड़ी और कबाड़ के कई गोदाम हैं। साथ ही वाहन धुलाई सेंटर और रिपेयरिंग सेंटर भी है। लकड़ी और कबाड़ लोड और अनलोड करने के बाद ट्रकों को आधी सड़क पर खड़ा कर दिया जाता है। नगर पालिका द्वारा नाला निर्माण के बाद जगह-जगह निकाली गई मिट्टी और बालू भी सड़क के किनारे ही छोड़ दिया गया है। आजमगढ़ तिराहे के पास दो ट्रक गिट्टियों का ढेर सड़क पर छोड़ दिया गया है। इतना ही नहीं नगर पालिका द्वारा आजमगढ़ तिराहे पर सब्जी मंडी के पास शहर का कचरा इकट्ठा कर लिया जाता है। फिर वहां से दोपहर के 12 बजे तक कचरा उठाते रहते हैं। इस दौरान बड़ी बड़ी मशीने लगी होती हैं, जिससे दूसरे वाहनों को वहां से निकलने में परेशानी होती है। यही स्थिति शाम होते होते बलिया मोड़ पर हो जाती है। चारों तरफ लोडेड ट्रकों की लाइन लग जाती है। सहरोज मोड़ से नगर के गाजीपुर तिराहा तक लगने वाले जाम से बचने के लिए कोपागंज ब्लॉक क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग अब धवरियासाथ बरलाई मार्ग या फोरलेन होते हुए मतलूपुर से शहर में प्रवेश करते हैं। लेकिन अब इधर भी खड़े वाहन दुर्घटनाओं का इंतजार करते हैं।