मऊ। जिले की वरिष्ठ महिला चिकित्सक डॉ. एकिका सिंह ने चिकित्सा के क्षेत्र मेें बेहतर कार्य की बदौलत जिले में ही नहीं पूर्वांचल में अलग पहचान बनाने में सफलता हासिल की है। शारदा नारायन हास्पिटल में टेस्ट ट्यूब बेबी से सैकड़ों नि:संतान दंपतियों को खुशियां प्रदान की हैं। वह महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी हैं। डॉ. एकिका ने 12वीं तक दिल्ली से शिक्षा हासिल की। गोवा मेडिकल कालेज से एमबीबीएस और एमडी दिल्ली विश्वविद्यालय से किया। सर गंगा राम हास्टिपटल में जूनियर कंसलटेंट रहीं। इसके साथ ही आईवीएफ की ट्रेनिंग जर्मनी में किल गाटिंगम में लिया है। महानगर से उच्च शिक्षा हासिल कर जब मऊ छोटे से जनपद में वर्ष 2006 में प्रेक्टिस करना शुरू तो सफलता को लेकर संशकित थीं। लेकिन परिवार का सपोर्ट मिलने के चलते मरीजों का स्नेह मिलने लगा। इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। यहां हाई रिस्क प्रेगनेंसी के मरीजों को रेफर कर दिया जाता था। बेहतरीन इलाज के दम पर मरीजों में विश्वास बढ़ाया। 2016 में शारदा नारायन हास्पिटल मेें टेस्ट ट्यूब बेेबी सेंटर का शुभारंभ किया। अब तक सैकड़ों नि:संतान दंपतियों के आंगन में किलकारी गूंजी है। सक्सेज रेज 70 से 75 प्रतिशत है। 2020 से दूरबीन विधि से बच्चेदानी का आपरेशन करना शुरू किया। अब प्रतिमाह मुंबई के चिकित्सक के साथ 30 से अधिक मरीजों का आपरेशन करती हैं। डॉ. एकिका सिंह का कहना था कि कड़ी मेहनत तथा लक्ष्य तय कर कोई कार्य किया जाए तो सफलता मिलना तय है।