दोहरीघाट। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोहरीघाट 8 सालों से बिना सर्जन के ही चल रही है। सर्जन ना होने से क्षेत्र के लोगों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मामूली चोट लगने से यहां भर्ती के लिए आए मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर दिया जाता है। आठ वर्ष पहले जब यहां चिकित्सक थे तो हाइड्रोसील, हार्नियां का ऑपरेशन होता था। लेकिन अब सर्जन चिकित्सक ना होने से लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में पैसा देकर ऑपरेशन कराना पड़ता है। सीएचसी पर अभी तीन स्थाई चिकित्सक हैं, जबकि दो संविदा पर है। सीएचसी की ओपीडी में प्रतिदिन 160 से 180 मरीज प्रतिदिन आते हैं। क्षेत्र के धर्मेंद्र कुमार राय, विपिन दुबे, अतुल कुमार राय, श्री प्रकाश सोनकर, शैलेंद्र कुमार राय आदि ने बताया कि वर्षों से अस्पताल पर सर्जन नहीं होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों से अविलंब सर्जन नियुक्त करने की मांग की है।