जिला महिला चिकित्सलाय का शुक्रवार को अपर स्वास्थ्य निदेशक आजमगढ़ मंडल डॉ. ओपी तिवारी ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान व्यापक पैमाने पर अनियमितता उजागर हुई। जिला महिला चिकित्सालय में चिकित्सक अनुपस्थित थे। चिकित्सकों के मनमाने रवैए से मरीजों का इलाज जैसे-तैसे हो रहा है। मरीजों तथा तीमारदारों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अपर स्वास्थ्य निदेशक आजमगढ़ मंडल डॉ. ओपी तिवारी ने शुक्रवार को पूर्वाह्न लगभग 9.50 बजे जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सभी चिकित्सकों के चेंबर पर ताला लटका मिला। सीएमएस सहित सभी 11 चिकित्सकों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। इसके आधार पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
अपर निदेशक स्वास्थ्य शुक्रवार को अचानक महिला अस्पताल पहुंचे। बाहर काउंटर पर काम करने वाले कर्मचारियों से उन्होंने बात की। इसके बाद वह प्रथम तल पर सीएमएस डाॅ. चंद्रा सिन्हा के चेंबर में गए। वह भी उपस्थित नहीं थीं। उपस्थित कर्मचारी से बात करने के साथ वह भूतल पर ओपीडी कक्ष में गए। वहां पर सभी चिकित्सकों के चेंबर में ताला बंद था।
चिकित्सक और अन्य कर्मियों के उपस्थिति रजिस्टर को भी खंगाला और प्रसव के संबंधित पूरे विवरण की गहनता से जांच की। साथ ही प्रसव के लिए आई कुछ महिलाओं से बात की और दवा और उपचार को लेकर पूछताछ की। एनआईसीयू में भर्ती बच्चों के इलाज में तमाम अनियमितता पाई गईं। चिकित्सकों की ड्यूटी की लिस्ट भी नहीं मिली।
निरीक्षण के दौरान करीब आधा घंटा बाद सीएमएस डॉ. चंद्रा सिन्हा अपने गृह जनपद बलिया से अस्पताल पहंुची। उन्होंने बताया कि जिला महिला अस्पताल में स्त्री रोग के लिए एक स्थायी और एनएचआरएम के माध्यम से दो महिला चिकित्सक संविदा पर तैनात हैं। बाल रोग के लिए चार स्थायी चिकित्सक और एक एनेस्थेटिक हैं। वहीं, एनएचएम पर संविदा के तीन बाल रोग चिकित्सक हैं।
निरीक्षण के दौरान कोई भी चिकित्सक उपस्थित नहीं पाया गया। बताया कि सभी के खिलाफ नोटिस जारी की गई है। सभी अनुपस्थित चिकित्सक स्पष्टीकरण देंगे।निरीक्षण में सीएमओ डा. नरेश अग्रवाल, एसीएमओ डाॅ. आरएन सिंह, बाबू काशीनाथ गोस्वामी सहित आदि उपस्थित थे।
इसी क्रम में गत बृहस्पतिवार की शाम जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक तथा वार्डों का भी अपर स्वास्थ्य निदेशक निरीक्षण किया। यहां व्यापक पैमाने पर अनियमितता मिली। वार्ड में मरीजों के इलाज में व्यापक पैमाने पर अनियमितता मिली। वार्ड में भर्ती मरीजों से पूछताछ में पता चला कि चिकित्सकों का राउंड समय-समय पर नहीं लगता है। अस्पताल में मिलने वाला भोजन रोगियों के हिसाब से नहीं दिया जाता है। एडी हेल्थ ने सीएमएस से स्पष्टीकरण मांगा है।