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ओपीडी में समय से नहीं पहुंच रहे डॉक्टर और कर्मचारी

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जिला अस्पताल में मंगलवार की सुबह 8.50 मिनट पर बंद राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय।संवाद - फोटो : MAU
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मऊ। जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद भी जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार नजर नहीं आ रहा है। आए दिन चिकित्सकों का अस्पताल से नदारद रहना और लेट लतीफी लोगों के इलाज में बाधा बन रही है। मंगलवार को जिला अस्पताल की पड़ताल में अस्पताल खुलने के समय से एक घंटा बीत जाने के बाद भी अधिकांश चिकित्सकों के चेंबर पर ताला लटका रहा। हालांकि कुछ स्वास्थ्य कर्मी समय से पहुंचे। जिला अस्पताल में अलग से बनाया गया राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय पर सुबह 8.50 बजे ताला लटका रहा। वहीं आयुष ब्लाक भी बंद रहा। सुबह नौ बजे आठ नंबर कमरे में एमएस ईएनटी डा. सौरभ त्रिपाठी का चेंबर बंद रहा, जबकि मरीज बाहर चिकित्सक के आने का इंतजार करते रहे। 09.12 मिनट पर डेंटल सर्जन डा. सीपी आर्य के चेंबर का ताला तो खुला रहा, लेकिन दरवाजा बंद रहा। 09.16 मिनट पर वरिष्ठ नेत्र सर्जन डा. एमके पांडेय के चेंबर का ताला खुला रहा, लेकिन चिकित्सक अपनी सीट पर नहीं दिखे। जबकि नेत्र परीक्षण अधिकारी एमपी यादव अपने चेंबर में मरीजों का इंतजार करते दिखे। वहीं नान कम्यूनिकेबल डिसीज क्लीनिक भी बंद रहा। हालांकि एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगाने के लिए चेंबर में स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। जिला अस्पताल में हर रोज 11 सौ से अधिक की ओपीडी है। लेकिन चिकित्सकों के समय से अस्पताल न पहुंचने के कारण मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि कुछ दिन पूर्व जिलाधिकारी अरुण कुमार ने जिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण कर अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों को समय से अस्पताल में पहुंचने और समुचित इलाज के लिए चेताया था। लेकिन जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी अधिकारियों के आदेश का पालन करते दिखाई नहीं दे रहे हैं। जिला अस्पताल में 26 चिकित्सकों का पद है। लेकिन वर्तमान में 15 चिकित्सकों की ही तैनाती है। वर्तमान में जिला अस्पताल में दो फिजीशियन की तैनाती है, जबकि एक पद काफी समय से रिक्त है। हृदय रोग विशेषज्ञ का पद काफी समय से खाली है। ईएनटी के दो पद के सापेक्ष एक चिकित्सक की तैनाती है। नेत्र रोग विशेषज्ञ के दो पदों के सापेक्ष एक चिकित्सक तैनात हैं। दंत रोग चिकित्सक के नाम पर एक डेंटल सर्जन की तैनाती है। जिला अस्पताल से पिछले माह रेडियोलाजिस्ट ने इस्तीफा दे दिया। रेडियोलाजिस्ट के दो पद के सापेक्ष के की भी तैनाती नहीं है। जिस कारण मेडिकोलीगल और अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसएन दुबे ने बताया कि यदि ऐसी बात है तो यह ठीक नहीं। जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी।

जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार की सुबह 9 मिनट पर बंद ईएनटी चिकित्सक का कक्ष,बाहर मौजूद मरीज।सं?- फोटो : MAU

जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार की सुबह 9.05 मिनट पर खाली पड़ा हड्डी रोग चिकित्सक का कक्ष।संवाद- फोटो : MAU

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