मऊ। लूज मोशन होने पर पीड़ित अपने बच्चे को उपचार कराने के लिए फातिमा तिराहा स्थित डाक्टर की क्लिनीक पर ले गया। जहां डाक्टर के दवा लिखने पर मेडिकल हाल संचालक ने मरीज को दवा के साथ एनएस की बोतल किया। सिल पैक एनसस की बोतल में फंगस दिख रहें थे। इतना ही नही बोतल से इक्सपायरी वाला हिस्सा स्क्रेच कर हटा दिया गया था। बच्चे के पिता ने दवा का प्रयोग नहीं किया बल्कि इसकी शिकायत जिलाधिकारी से किया। इस दौरान पिता दुकान का बिल बाउचर भी साथ रखा था। घटनाक्रम से अवगत होने के बाद डीएम ने जिला औषधि निरीक्षक अरविंद यादव को मामले की जांच करने और दुकान को सीज करने का आदेश दिया। डीआई अरविंद ने बताया कि डीएम के आदेश पर बृहस्पतिवार को वो दुकान को सीज करेंगे। शिकायत करने वाला धर्मेंद्र भरद्वाज शहर के मुंशीपुरा मुहल्ले का निवासी है। उसने बताया कि उसके पुत्र रिशु की तबियत खराब थी। जिसके चलते वह फातिमा तिराहे पर बच्चे को दवा दिलाने गया था।