मऊ। डायट तथा निजी कॉलेजों के डीएलएड प्रशिक्षु भी आउट ऑफ स्कूल बच्चों का सर्वे करेंगे। शैक्षिक सत्र 2020-21 में प्रशिक्षु अपने निकटवर्ती क्षेत्र से पांच से 14 वर्ष तक के आउट ऑफ स्कूल बच्चों का नामांकन पास के प्राथमिक विद्यालयों में कराएंगे। ऐसा करने वाले प्रशिक्षुओं को आंतरिक मूल्यांकन में बोनस अंक मिलेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने डायट प्राचार्य को कार्ययोजना बनाकर भेजा है। जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। नया शिक्षा सत्र एक अप्रैल से शुरू होना है, लेकिन विद्यालयों में गत वर्ष के सापेक्ष नामांकन बढ़ाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से कवायद तेज हो गई है। सर्व शिक्षा अभियान के तहत आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित करने के लिए चलाए जाने वाला हाउस होल्ड सर्वे दो चरणों में चलाया जाएगा। अभियान का पहला चरण 15 अप्रैल तक स्कूल में कभी दाखिला न लेने वाले और ड्राप आउट बच्चों को चिह्नित कर उनका पंजीकरण किया जाएगा। जबकि दूसरा चरण 21 मई से 15 जुलाई तक चलेगा। वर्ष 2019-20 में 1.49 लाख बच्चों का नामांकन किया गया था। शासन की तरफ से वर्ष 2020-21 में 1.64 लाख बच्चों के प्रवेश का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विद्यालयों में शत प्रतिशत नामांकन कराने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कार्ययोजना तैयार किया है। कार्ययोजना के मुताबिक जिले में डायट सहित 95 निजी डीएलएड कॉलेज हैं। इसमें लगभग पांच हजार प्रशिक्षु अध्ययनरत हैं। प्रशिक्षु अपने निकटवर्ती क्षेत्र में डोर-टू-डोर संपर्क कर आउट ऑफ स्कूल बच्चों को चिह्नित करेंगे। इसके बाद ऐसे बच्चों के माता-पिता से संपर्क कर उनसे परामर्श करेंगे। फिर बच्चों का 30 अप्रैल या उससे पहले निकट के प्राथमिक विद्यालय में स्वयं जाकर नामांकन कराएंगे। नामांकन कराने के बाद वहां के प्रधानाध्यापक से इसका प्रमाण पत्र भी प्राप्त करेंगे। सर्वे करने वाले प्रशिक्षुओं को आंतरिक मूल्यांकन में बोनस अंक मिलेंगे। अधिकारी जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता बृजबिहारी पांडेय का कहना है कि डायट प्राचार्य को कार्ययोजना बनाकर भेज दी गई है। डायट प्राचार्य एसपी यादव का कहना है कि आउट आफ स्कूल बच्चों का सर्वे करने वाले प्रशिक्षुओं को आंतरिक मूल्यांकन में बोनस अंक मिलेंगे।