फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संविदा चिकित्सक संभाल रहे जिला महिला अस्पताल

विज्ञापन
जिला महिला अस्पताल में बंद अल्ट्रासाउंड कक्ष, परेशान बैठे लोग।संवाद - फोटो : MAU
विज्ञापन
मऊ। नगर की साढ़े तीन लाख में आधी आबादी के साथ जिले की महिलाओं के लिए बना सबसे बड़ा सरकारी जिला महिला अस्पताल इन दिनों चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। यहां की कमान संविदा चिकित्सकों के भरोसे है। ओपीड भी दो डॉक्टर संभाल रहे हैं। यहां महिला रोग विशेषज्ञ के चार पद हैं जबकि तैनाती एक की है वह भी सीएमएस पद पर हैं। 100 बेड वाले महिला जिला अस्पताल में 29 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, जबकि महज सात पदों पर ही तैनाती है। महिला मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में स्वीकृत चार स्त्री रोग विशेषज्ञ के मुकाबले दो पदों पर महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती थी, जिसमें एक ने कई माह पहले ही इस्तीफा दे दिया।वहीं दूसरे पद पर महिला सीएमएस खुद महिला रोग विशेषज्ञ है। इसके अलावा एक संविदा महिला चिकित्सक का इस पद पर तैनाती है। वहीं एनआईसीयू (न्यूनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट) के लिए बाल रोग विशेषज्ञ के चार स्वीकृत पद पर तीन संविदा के अलावा जल्द ही शासन द्वारा स्थानातरण के बाद चार नए बालरोग विशेषज्ञों की तैनाती हुई है। इस ीक्रम में एनेसथीसिया के दो पदों में एक पद पर ही तैनाती है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड विभाग में दो रेडियोलाजिस्ट का पद 2018 से खाली चल रहा है। तीन साल से मरीज बाहर अल्ट्रासाउंड करा रहे हैं। पैथालोजिस्ट का पद भी काफी समय से रिक्त है। आंकड़ों की बात करें तो अस्पताल में हर रोज 250 से 300 तक की ओपीडी है। लेकिन मरीजों को चिकित्सकों को कमी के चलते निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. चंद्रा सिन्हा ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए शासन को कई बार पत्र भेजा गया है। समय-समय पर रिमाइंडर भेजा जा रहा है।

जिला महिला अस्पताल में संविदा चिकित्सक को दिखाने के बाद कक्ष के बार मौजूद मरीज।संवाद- फोटो : MAU

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें