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लेखपाल कानूनगो और दो काश्तकारों के विरुद्ध एफआईआर का निर्देश

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मऊ। घोसी तहसील के गोंठा गांव में हुए फर्जी वरासत के मामले में सीआरओ के निर्देश पर आरोपियों के विरुद्ध बुधवार को कार्रवाई की गई। आरोपी लेखपाल को निलंबित कर दिया गया। जबकि लेखपाल और तत्कालीन राजस्व निरीक्षक , जिन किसानों के पक्ष में फर्जी वरासत हो गई है, उन दो सगे भाइयों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश एसडीएम घोसी ने दिया है। बता दें कि गोंठा गांव निवासी हबीबुल्लाह पुत्र हफीज को मृतक दिखाकर उसकी जमीन गांव के ही अब्दुल हई और अब्दुल अलीम के नाम जमीन की वरासत कर दी गई। इस बात की जानकारी होने पर हबीबुल्लाह ने जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाया था। सीआरओ हंसराज ने इस प्रकरण में जांचकर दोषी पाए जाने पर लेखपाल और कानूनगो तथा अनुचित लाभ लेने वाले किसानों के विरुद्ध कार्रवाई का निर्देश एसडीएम को दिया। एसडीएम ने डा.सीएल सोनकर ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए हलका लेखपाल संजय को निलंबित कर दिया। एसडीएम ने तत्कालीन राजस्व निरीक्षक और अब्दुल हई और अब्दुल अलीम के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया है। बता दें कि इस प्रकरएण को अमर उजाला ने 13 और 14 अप्रैल के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसे संज्ञान में लेकर अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लेखपाल को सस्पेंड कर दिया और अन्य आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई किया।उधर लेखपाल संजय का कहना है कि यह प्रकरण जानबूझ कर की गई साजिश नहीं , वरन मानवीय भूल वश हो गया। चूंकि गोंठा गांव के ही हबीबुल्लाह नामक एक अन्य व्यक्ति का निधन हो गया था। उसके बेटे इलियास का भी निधन भी हो चुका है। उसी मृतक हबीबुल्लाह के मृतक बेटे इलियास के बेटों अब्दुल हई और अब्दुल अलीम के नाम वरासत दर्ज होनी थी लेकिन मानवीय भूल वश उसी मामले में यह वरासत जीवित हबीबुल्लाह के खाते पर दर्ज हो गई। संशोधन के बाद उस आदेश का अब स्थगित कर दिया गया है। इस बाबत एसडीएम डा. सीएल सोनकर का कहना है कि लेखपाल को सस्पेंड कर दिया गया है। तत्कालीन राजस्व निरीक्षक और अब्दुल हई और अब्दुल अलीम के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश तहसीलदार घोसी को दिया गया है।
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