जिलाधिकारी अरुण कुमार की अध्यक्षता में बाढ़ पूर्व तैयारियों के संबंध में जनपद स्तरीय फ्लड स्टीयरिंग ग्रुप की तीसरी बैठक कलक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को हुई। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवा ने कहा कि जनपद मुख्यालय पर एक बाढ़ नियंत्रण कक्ष की भी स्थापना की गई है, जिसका टोल फ्री नंबर 0547-2220707 है। इसके अलावा सिंचाई खंड मऊ एवं बाढ़ खंड आजमगढ़ में एक-एक बाढ़ चौकियां भी स्थापित की जा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि रिजर्व स्टॉक के रूप में ईसी बैग 53000,नायलान क्रेट 1676, मिर्जापुर स्टोन बॉर्डर 100 घन मीटर, जीआई वायर क्रैट 100, जियो बैग 2000 एवं गैवियान रोप 50 की मात्रा में रिजर्व के रूप में रखे गए हैं। बाढ़ से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए कर्मचारियों की तीन शिफ्टों में ड्यूटी लगा दी गई है, जो 24 घंटे अनवरत क्रियाशील रहेगी। पशुपालन विभाग द्वारा निर्धारित कार्यों तथा पशुओं का टीकाकरण, बाढ़ के दौरान भूसा एवं हरे चारे की व्यवस्था आदि की तैयारियों के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर जिलाधिकारी ने डिप्टी सीवीओ का वेतन रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को बाढ़ से प्रभावित गांवों में कुल हैंडपंपों की गणना करने एवं खराब हैंडपंप की मरम्मत आदि कार्य को पूर्ण करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने सिंचाई खंड मऊ एवं बाढ़ खंड आजमगढ़ के अधिशासी अभियंताओं को बांधों के मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य के पूर्ण होने का प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने बाढ़ के दौरान शरणालय एवं बाढ़ चौकियों का स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश संबंधित उप जिलाधिकारियों को दिया। दोहरीघाट के निकट गोठा में सड़क की अत्यंत खराब स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने शासन स्तर से पत्राचार करते हुए उसे ठीक कराने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर, नगर मजिस्ट्रेट नीतीश कुमार सिंह सहित फ्लड स्टीयरिंग ग्रुप के समस्त सदस्य उपस्थित रहे।