मऊ। भीषण गर्मी में मऊ डिपो से सुहाना सफर करने वालों को निराशा हाथ लगती है। कारण डिपो के बेड़े में केवल एक एसी बस है। लोगों ने आरामदायक यात्रा के लिए एसी चलाने की मांग की है। गर्मी के चलते ट्रेन का एसी कोच भी फुल है। ऐसे में इमरजेंसी में रोडवेज बस से 300 से 400 किमी का सफर करने वाले यात्रियों को मऊ डिपो पर घंटों बैठकर दूसरे डिपो से आने वाली एसी बसों का इंतजार करना पड़ता है। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से लोग बेहाल हैं। ऐसे में भीषण गर्मी के दौरान मऊ डिपो से लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर के लिए रोडवेज बसों से लंबी दूरी का सफर करना यात्रियों के लिए दिक्कतों से भरा है। मऊ डिपो से लखनऊ के लिए सिर्फ एक ही एसी बस चलने से यात्रियों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। जबकि, निजी बसों का किराया अधिक होने से यात्रियों की जेब पर असर पड़ ढ़ीली हो रही है। यात्री सामान्य बसों की तुलना में इन दिनों एसी बसों में सफर करना पसंद कर रहे हैं। यही स्थिति ट्रेनों में है, लेकिन भीषण गर्मी के चलते ट्रेन का एसी कोच फुल चल रहा है, यही नहीं लोग लंबी वेटिंग लेकर सफर करने को मजबूर हैं। मऊ डिपो के बेड़े में केवल एक एसी बस है जो जनरथ सेवा के नाम से चलती है। ये बस सुबह 7:30 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होते हुए लखनऊ के लिए चलती है। फिर इसी रास्ते देर शाम तक वापस लौटती है। इसके बाद दो अलग-अलग रूटों के लिए दोपहर में बुद्ध विहार डिपो और बलिया डिपो की जनरथ बस आती है। फिर इसके बाद लखनऊ जाने के लिए देर शाम आठ बजे के बाद लखनऊ जाने के लिए बलिया डिपो और चारबाग डिपो की एसी बसें आती हैं। लोगों का कहना है कि शहर से सभी रूटों पर एसी बस का संचालन होने से यात्रियों को सुविधा मिलेगी। साथ ही भीषण गर्मी में लोगों को लू के थपेड़े नहीं सहने पड़ेगे।