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मुंबई से आए युवक की संदिग्ध हाल में मौत

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घोसी ब्लाक के भटमिला गाँव मे मृतक के घर सीएचसी अधीक्षक बड़राव डा.अशोक कुमार के नेतृत्व में लोगों ? - फोटो : MAU
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मऊ। घोसी कोतवाली क्षेत्र के भटमिला गांव में पांच दिन पूर्व मुंबई से ट्रक में सवार होकर घर लौटे युवक की सोमवार की सुबह संदिग्ध हाल में मौत हो गई। परिवार के सदस्यों के अनुसार युवक को सांस लेने में तकलीफ थी। सूचना देने के बाद भी स्थानीय अस्पताल के कर्मचारियों ने युवक का न तो उपचार किया और न ही सैंपलिंग की। भटमिला गांव निवासी युवक मनोज 30 परिवार के साथ वर्षो से मुम्बई के थाणे क्षेत्र में रहता था। कोरोना के चलते पिता ने उसके घर आने की जिद्द की। जिस पर वह पांच दिन पहले ट्रक से यहां आया। घर आने के दूसरे ही दिन उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। जानकारी हुई तो ग्राम प्रधान ने सूचना एसडीएम के साथ सीएचसी बड़राव प्रभारी चिकित्साधिकारी को दी। युवक को उपचार के लिए सीएचसी लायाय गया। परीक्षण के बाद डाक्टरो ने युवक को सामान्य हिदायत देकर घर वापस भेज दिया। निगरानी समिति के अध्यक्ष ग्राम प्रधान संतोष लाल श्रीवास्तव ने बताया कि घर आने के दो दिन बाद युवक को सांस लेने में दिक्कत बढ़ने लगी। इस दौरान युवक को दोहरीघाट ले जाकर प्राइवेट अस्पताल में दिखाया गया। उसका उपचार चल भी रहा था, इस बीच रविवार की रात हालत अचानक और खराब हो गई। परिजन उसे लेकर उसी अस्पताल पहुंचे जहां डाक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने मुक्तिधाम पर उसकी अंत्येष्टि कर दी। उधर, युवक के मौत की सूचना पर सीएचसी की टीम गांव पहुंची और आठ महिलाओं व पुरुषों की थर्मल स्क्रीनिंग की। जहां सभी का तापमान सामान्य रहा। की थर्मल स्क्रीनिंग किया जहां सभी का नार्मल टम्प्रेचर रहा। स्क्रीनिंग टीम में सीएचसी अधीक्षक डा. अशोक कुमार, डा. पीएन सिंह, जियाउद्दीन, केके राय मौजूद रहे। मृतक की पत्नी गीता और उसके दो बच्चे 3 व 5 वर्ष के मुंबई में है। घर पर माता लक्ष्मी व पिता प्रेमचंद बेसुध पड़े रहे।। चार भाइयों में युवक दूसरे नंबर पर था। सीएचसी बड़राव के अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि युवक की जांच की गई थी, वह शुगर के साथ साथ टीवी का भी मरीज था।
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