मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेश अग्रवाल ने कहा कि विश्व में रोकी जा सकने वाली मौत और बीमारियों का एकमात्र सबसे बड़ा कारण तंबाकू का सेवन है। कहा कि आमजन को तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभावों को बताया जाए। डॉ. अग्रवाल विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर बुधवार को जिला तंबाकू नियंत्रण इकाई की तरफ से आयोजित जिलास्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गोष्ठी में तंबाकू सेवन न करने, उसे छोड़ने की शपथ दिलाई गई। हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। तत्पश्चात जनजागरूकता रैली निकाली गई। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नरेश अग्रवाल ने बताया कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस का प्रमुख उद्देश्य है लोगों को यह बताना कि तंबाकू जानलेवा है। उन्होंने बताया कि सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम- 2003 की धारा 4 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना दंडनीय अपराध है। जिसका उल्लंघन करने पर 200 रुपये तक का अर्थदंड वसूल करने का प्रावधान है। जिला नोडल अधिकारी/अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि धूम्रपान करने वाला व्यक्ति न केवल अपने जीवन के लिए बल्कि अपने परिवार व समाज के लिए भी कैंसर का खतरा पैदा करता है। इसलिए जिंदगी को हां कहें और तंबाकू को ना कहें। इससे हम सभी सुरक्षित रह सकेंगे।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत जिला चिकित्सालय में एक तंबाकू उन्मूलन केंद्र की स्थापना की जा चुकी है। जहां एक काउंसलर / साईकोलॉजिस्टन की उपलब्घता है, जिससे कि तंबाकू एवं किसी अन्य प्रकार की नशायुक्त चीजों को छोड़ने की इच्छा रखने वाले व्यक्ति l संपर्क कर सकते हैं। जिला तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम मऊ के जिला सलाहकार डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस की इस बार की थीम वी नीड फूड नाट तंबाकू तय की गई है। तंबाकू से हृदय रोग, हार्ट अटैक और लकवा जैसी बीमारियों के जोखिम के बारे में बताया गया। इसके साथ ही अन्य होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में कई जगहों पर कैंप एवं स्कूलों में बच्चों के बीच विद्यालय जागरूकता अभियान चलाया गया। तंबाकू में पाये जाने वाले जहरीले पदार्थो एवं इसके नुकसान तथा तंबाकू छोड़ने के फायदे पर विस्तृत रूप से जानकारी दी गई।
डॉ अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ द्वारा चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया गया। समाज में तंबाकू निषेध के प्रति शपथ ली गई। कार्यक्रम में जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सुनील सिंह, तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के सोशल वर्कर लक्ष्मीकांत दुबे, काउंसलर वीरेंद्र यादव, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के डीपीसी विवेक कुमार सिंह, फाइनेन्स और लॉजिस्टिक समन्वयक दुर्गा प्रताप सिंह, सतीश कुमार, राधेश्याम, जागृति सिंह, सौरभ, कमलेश, अरविन्द, एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ के द्वारा प्रतिभाग किया गया।