स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के पकड़ी ताल में रविवार की सुबह एक वृद्ध का शव क्षतविक्षत स्थिति में मिला। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव के एक हिस्से से पशु मांस नोचकर खा रहे थे। वृद्ध की पहचान कोतवाली क्षेत्र के मछुआरे के रूप में हुई। वह तीन दिन से घर से लापता था। पुलिस ने वृद्ध की मौत के कारणों पर अनभिज्ञता जताई है।
सुबह करीब दस बजे पकड़ी ताल की तरफ कुछ जानवरों को मांस का टुकड़ा खाते देख लोगों को आसपास शव होने की आशंका हुई। लोगों ने पकड़ी ताल में शव देख पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर कोतवाल अनिलचंद्र तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ताल से शव को बाहर निकलवाया। शरीर पर काला धब्बा पड़ जाने के चलते शव की तत्काल पहचान नहीं पाई। तलाशी लेने पर जेब में आधार कार्ड मिला। इससे वृद्ध की पहचान घोसी कोतवाली क्षेत्र के पकड़ी बुजुर्ग हरिवंशपुर निवासी तिरछु मल्लाह 80 पुत्र स्व. झूरी के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों को दी। सूचना पर परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। परिवारीजनों के मुताबिक, वृद्ध बीते पंद्रह जून को घर से घोसी धान बीज लेने के लिए निकला था। इसके बाद घर नहीं लौटा। इस संबंध में कोतवाल अनिलचंद्र तिवारी का कहना है कि वृद्ध की मौत का कारण पीएम रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगा।
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दिनभर होती रही मछुआरे की मौत की चर्चा
घोसी। वृद्ध के पौत्र शिवमंगल निषाद ने तहरीर में तेज धूप और लू लगने से मौत की आशंका व्यक्त की है। मछुआरे की अबूझ मौत को लेकर क्षेत्र में दिनभर चर्चा होती रही। लोगों ने बताया कि वृद्ध के तीन पुत्र मुन्नी लाल, खरपत्तू और विजय शंकर है।