फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mau News: सरकारी आवास में फंदे से लटका मिला महिला जज का शव, गांव में हर आंखें नम

विज्ञापन
विज्ञापन
घोसी। जिले के तराईडीह गांव में शनिवार को गम का माहौल रहा, कारण गांव की होनहार बेटी ज्योत्सना राय का असमय जाना। मृतका बदायूं में सिविल जज जूनियर डिवीजन के पद पर तैनात थी। घटना के समय मृतका के परिजन गांव में नहीं थे, लेकिन अपने गांव की बेटी का असमय जाने की सूचना से गांव का हर व्यक्ति आहत दिखा। उधर सिविल जज के आत्महत्या की सूचना मिलने पर वाराणसी में तैनात इंजीनियर भाई और लखनऊ में रह रहे पिता बदायूं के लिए निकल गए। दोहरीघाट ब्लॉक के तराईडीह गांव निवासी अशोक कुमार राय की पुत्री ज्योत्सना राय वर्तमान में बदायूं जिले में सिविल जज जूनियर डिवीजन के पद पर तैनात थी। शनिवार को उनके सरकारी आवास में उनका शव फंदे पर लटकते मिलने की सूचना पर वाराणसी के डीएलडब्लू में तैनात इंजीनियर भाई शशांक शेखर राय बदायूं के लिए निकल गए। वहीं इस घटना की जानकारी मिलने पर अमर उजाला की टीम तराईडीह गांव पहुंची। जहां मृतका के पिता के चचेरे भाई विपिन उर्फ पिंकू राय ने बताया कि उनकी भतीजी बेहद गंभीर और सुलझी हुई युवती थी। जज बनने के बाद बीते साल ही वह गांव में पूजा करने के लिए अपने पूरे परिवार के साथ आई थी। बताया कि उसके भाई अशोक कुमार राय अभियोजन विभाग में पीओ पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भाभी पूनम राय के साथ रहते हैं। जबकि भतीजा शशांक शेखर डीएलडब्लू में इंजीनियर है, वह अपनी पत्नी के साथ वहीं रहता है। बताया कि ज्योत्सना के जज बनने से पूरे गांव में हर्ष का माहौल था, आज उसके असमय से चले जाने से हर कोई सकते में है। वहीं ज्योत्सना के पैतृक घर की रखवाली करने वाले रामाशीष यादव ने बताया कि बीते साल बेटी रानी जज बनने के बाद गांव आई थी, पूरे गांव में उनके आने की सूचना पर सभी खुश थे। बताया कि उनकी बिटिया बेहद कोमल स्वभाव की थी, भावुक होते हुए बताया कि भले ही ज्योत्सना जज बन गई थी, लेकिन उनके स्वभाव में कोई बदलाव नहीं आया था, जैसे वह पहले थी, वैसे ही अब भी थी।
विज्ञापन

-
घर पर कोई नहीं, फिर भी सूचना मिलने पर उमड़ती रही भीड़
घटना के समय भले ही मृतका का परिवार अपने पैतृक गांव में नहीं था, लेकिन ज्योत्सना राय की मौत की सूचना मिलने पर गांव के अलावा आसपास के लोग और रिश्तेदार उनके घर पहुंचते दिखाई दिए। वहां मौजूद हर शख्स के जुबान पर था, अचानक क्या हुआ, जो इतनी होनहार बेटी ने इतना बड़ा कदम उठाया। बताते चले कि मृतका ज्योत्सना राय के पिता अशोक राय पांच भाई में तीसरे नंबर पर है। इसमें ज्योत्सना के पिता के अलावा उसके चाचा सतीश अभियोजन अधिकारी है। जबकि बड़े पापा सुरेश भी शासकीय अधिकारी पद से सेवानिवृत्त है, जबकि डॉ. रामाशीष राय लखनऊ में डॉक्टर हैं।


सरकारी आवास में मिला था शव, जांच में जुटी पुलिस
मऊ। मृतका पहले अयोध्या जिले में थी, वर्तमान में वह बदायूं जिले में तैनात थी। शनिवार सुबह सिविल जज जूनियर डिवीजन का शव उनके ही सरकारी आवास में फंदे से लटकता मिला। इसकी सूचना मिलने पर बदांयू जिला जज पंकज अग्रवाल, डीएम मनोज कुमार, एसएसपी आलोक प्रियदर्शी समेत न्यायिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने आवास के कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। साथ ही मामले की जांच पड़ताल में जुट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें