जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय श्री आहूजा की अदालत ने दहेज हत्या में आरोपी ससुर और जालसाजी कर नौकरी दिलाने के नाम पर रुपए हड़पने के मामले में दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। उन्होंने यह आदेश बचाव पक्ष और वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया ।
पहला मामला कोतवाली घोसी क्षेत्र का है। सरहरा जमीन सरहरा गांव निवासी शिवबचन राजभर पुत्र रामदेव की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि उसकी लड़की चंपा की शादी मानिकपुर जमीन हाजीपुर गांव निवासी राजनाथ राजभर पुत्र बुद्धिराम के साथ हुई थी। दहेज को लेकर 21 जुलाई 2018 को चंपा को उसके ससुराल वालों ने मार डाला। मामले में आरोपी ससुर बुद्धिराम उर्फ गोधू पुत्र बालरूप की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई थी।
दूसरा मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। पिपरीडीह गांव निवासी दिव्या भारती की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि वह बीटीसी करके नौकरी की तलाश कर रही थी। उसके भाई से अमरजीत की मुलाकात हुई। अमरजीत ने अपने को असिस्टेंट कमिश्नर बताया और दो लाख की एवज में दिव्या को डीआरएम कार्यालय गोरखपुर में नौकरी दिलाने की बात कर कर वादिनी से 80 हजार रुपया ले लिया।
वादिनी की निशानदेही पर अमरजीत को पुलिस ने सीओ की वर्दी में तथा फर्जी परिचय पत्र के साथ गिरफ्तार किया। मामले में आरोपी बलिया जनपद के रसडा कोतवाली क्षेत्र के मुस्तफाबाद गांव निवासी अमरजीत पुत्र विनोद कुमार की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी थी।