कोतवाली घोसी क्षेत्र के पिड़उत सिंहपुर गांव में 19 वर्ष पूर्व जमीनी विवाद में हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने बुधवार की देर शाम फैसला सुनाया। इस मामले में आरोपी बने तीन लोगों को दोषी पाते हुए कोर्ट ने आजीवन कारावास के साथ-साथ दस-दस हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड जमा हो जाने पर तीनों घायल मुनाकी, रामभुवन व बालचंद को पांच-पांच हजार रुपया बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया ।
घोसी कोतवाली क्षेत्र के पिडऊत सिंहपुर गांव निवासी ढोडा मल्लाह ने बीते 26 जुलाई 1997 को कातवाली में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें पीड़ित ने गांव के फागू यादव पुत्र विदेशी, बालमुकुंद यादव व धर्मेंद्र यादव पुत्रगण फागू तथा हरेंद्र यादव पुत्र शिवमंगल को आरोपी बनाया था। दर्ज रिपोर्ट में ढोडा मल्लाह ने बताया था कि उसका भाई बिताड़ी निषाद गांव के बाहर मंडई डाला था, मडई की मेड़ तिरक्षी हो गई थी। इसी को लेकर आरोपीगण 26 जुलाई 1997 की शाम को सात बजे बिताड़ी को गाली देने लगें। विरोध करने पर फागू यादव व बालमुकुंद यादव ने उसे तमंचे से गोली मार दिया।
बिताड़ी को बचाने उसकी पत्नी मुनाकी, रामभुवन व बालचंद आए तो आरोपीगण हरेंद्र यादव व धर्मेंद्र यादव ने उनके उपर भी फायर किया। इस दौरान तीनों घायल हुए। सभी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। इस बीच रास्ते में बिताड़ी की मौत हो गई। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। मामले की सुनवाई कोर्ट नंबर दो फास्ट ट्रैक में हुई। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी दयाशंकर राय ने कुल 12 गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण बालमुकुंद यादव, धर्मेंद्र यादव व हरेंद्र यादव को हत्या व हत्या के प्रयास का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद तीनों को हत्या में आजीवन कारावास की सजा के साथ ही दस-दस हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वही तीनों को हत्या के प्रयास में सात-सात वर्ष की सजा के साथ ही पांच-पांच सौ रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।