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एसओ, उपनिरीक्षकों को हटाने की मांग पर अड़े

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धरने पर बैठे भाजपा कार्यकर्ता को समझाते एएसपी शैलेन्द्र श्रीवास्तव। - फोटो : mau
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थाने की पुलिस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए भाजपा और विहिप कार्यकर्ताओं का शनिवार रात से चला धरना रविवार को भी जारी रहा। एक वारंटी को न छोड़े जाने से नाराज कार्यकर्ता एसओ और दो उपनिरीक्षकों को हटाने की मांग को लेकर अड़े रहे। हांलाकि एएसपी के आश्वासन को भी उन्होंने दरकिनार कर दिया। दो टूक कहा कि जब तक एसओ और उपनिरीक्षकों पर कार्रवाई नहीं होती वह धरना खत्म नहीं करेंगे। दरअसल भाजपा नेता  कोर्ट के आदेश पर वर्ष 2002 के बलवा के एक मुकदमे में गिरफ्तार किए गए एक वारंटी को छोड़नेे का पुलिस पर दबाव बना रहे थे। उसे छोड़ने में असमर्थता जताने पर कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोला।
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भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गुप्त, वरिष्ठ भाजपा नेता धीरेंद्र सिंह, प्रमोद राय, नगर भाजपा के विरेन्द्र गुप्ता, विहिप के जिला कार्याध्यक्ष भानु प्रकाश पाण्डेय, जिला  उपाध्यक्ष मनोज जायसवाल, भारत भीम चौहान  बब्लू पटवा सहित काफी कार्यकर्ता थाने में धरने पर बैठे रहे। इनकी मांग है कि जब तक थानाध्यक्ष राम कृष्ण द्विवेदी और एसआई अजय कुमार तिवारी और लालसाहब सिंह  को नहीं हटाया जाता है तब तक वह धरने पर बैठे रहेंगे। दो सप्ताह पहले विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपकर थाने में व्याप्त भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कोतवाल को हटाने की मांग की थी।

मालूम हो कि पुलिस ने कसबे के हूंसापुरा मुहल्ला निवासी वारंटी व्यापारी  कृष्णा नंद वर्मा  पुत्र श्याम चंद वर्मा को 2002 के एक मुकदमे में कोर्ट के वारंट के बाद अन्य चार वारंटियों के साथ शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। कृष्णानंद को छुड़ाने के लिए जिले के छोटे बड़े नेताओ का थाने में जमावड़ा लगा और उसे छुड़ाने को लेकर पुलिस व नेताओं की बहस बढ़ती गई। पुलिस ने रात में ही वारंटी का चालान कर दिया।
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