एक दंपती के केस में समझौते के लिए आए अरुणाचल प्रदेश के सीएम की सुरक्षा में तैनात एक सिपाही ने सोमवार को कचहरी में अधिवक्ता पर रिवाल्वर तान दी। वकीलों ने उसकी पिटाई कर दी। मौके पर पहुंचे एएसपी और एडीएम ने आरोपी और उसके साथी को शहर कोतवाली भेज दिया। अधिवक्ता की तहरीर पर दोनों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया गया।
दोहरीघाट के कुरंगा निवासी अनुपमा तिवारी पुत्री प्रमोद तिवारी की तहरीर पर महिला थाने में दहेज प्रताड़ना की रिपोर्ट दर्ज है। इस मामले में गोरखपुर के गोला बाजार के लमतिया चंदौली गांव निवासी पति रविशंकर तिवारी और उसके परिवार वाले आरोपी हैं।
मामले को सुलह समझौता व परामर्श केंद्र भेज दिया गया है। सोमवार को दोनों पक्षों को बुलाया गया था। परामर्श केंद्र में रविशंकर के पिता सुभाषचंद तिवारी और उनके साथ चांदपार निवासी जनार्दन प्रसाद कुशवाहा तथा खरपट्टी देईडीह, गोरखपुर निवासी अरुणाचल प्रदेश में सीएम की सुरक्षा में तैनात सिपाही प्रेमप्रकाश दूबे भी आया था। इस समय उसकी तैनाती दिल्ली स्थित अरुणाचल प्रदेश भवन में है।
आरोप है कि बातचीत के दौरान प्रेमप्रकाश दूबे और जनार्दन प्रसाद कुशवाहा विवाहिता और उसके पिता को धमकाने लगे। अधिवक्ता रूपेश कुमार पांडेय ने मना किया तो दोनों ने उन्हें धमकी दी। बात बढ़ने पर प्रेमप्रकाश दुबे ने लाइसेंसी पिस्टल निकालकर अधिवक्ता पर तान दी। इस पर वकील जुट गए और सिपाही की पिटाई कर दी। फिर कचहरी परिसर में तैनात पीएसी के जवान ने पिस्टल कब्जे में लेकर शहर कोतवाल को सौंप दी।
अधिवक्ताओं ने प्रेमप्रकाश दूबे और जनार्दन कुशवाहा को पकड़कर जिला जज की कोर्ट के लाकअप में बंद कर दिया। सूचना पर एएसपी सुनील कुमार सिंह, एडीएम समीर वर्मा पहुंचे और आरोपी को शहर कोतवाली भेज दिया। अधिवक्ता रूपेश पांडेय की तहरीर पर शहर कोतवाली में दोनों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज हो गया।