मोहम्मदाबाद गोहना में हुई बाप-बेटे की हत्या के जुर्म में 18 साल बाद पिता पुत्र सहित नौ लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सभी पर 23-23 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।
22 जुलाई 2001 को दिन में जैगवां गांव निवासी कांता और उनकी पत्नी मेवाती देवी दिल्ली जा रहे अपने बेटे रामानंद और बहू संगीता को छोड़ने जा रहे थे कि जमीन की रंजिश को लेकर लाठी, डंडे, हॉकी, ईंट पत्थर से कांता और रामानंद मौर्य पर हमला किया गया और उनकी हत्या कर दी गई। वादिनी और उसकी बेटी सुशीला को भी पीटा। 12 लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज हुआ। गुरुवार को कोर्ट ने सोहन, लाला उर्फ राकेश मौर्य, राजेश मौर्य, पारस मौर्य, भृगु, रामवृक्ष, भगवानदीन, राजेंद्र तथा राजेश को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। तीन आरोपियों झगरू ऊर्फ मिथिलेश, डिंपू उर्फ संदीप तथा पप्पू उर्फ रामानंद मौर्य के नाबालिग होने के चलते उनकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड को भेजने का निर्देश दिया।