थाना क्षेत्र के ग्राम सभा दरगाह में निर्माणाधीन गेट में हुई अनियमितता को लेकर बुधवार को गांव के प्रधान और पूर्व प्रधान समर्थक आमने सामने हो गए। एक पक्ष ने सुबह दस बजे दरगाह में मधुबन-दोहरीघाट मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। पुलिस ने बलप्रयोग कर लोगों को हटाया। वहीं ग्राम प्रधान प्रशांत गुप्ता को थाने उठा लाई और दूसरे पक्ष को भी थाने पर बुलाकर दोनों पक्षो को समझा बुझाकर छोड़ दिया गया।
ग्रामप्रधान प्रशांत गुप्ता के अनुसार पूर्व प्रधान मनोज कुमार के समय में क्षेत्रीय विधायक उमेश चंद पांडेय ने दरगाह में एक गेट निर्माण के लिए पांच लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान किया था। पूर्व प्रधान मनोज द्वारा प्रथम किस्त से कुछ कार्य कराया। इसके बाद ग्राम प्रधान का चुनाव आ गया और मनोज की प्रधानी चली गईं। बावजूद इसके मनोज ने द्वितीय किस्त का भी दो लाख रूपये प्रधान नहीं रहते हुए भी हासिल कर लिया। लेकिन गेट का कार्य पूरा नहीं कराया गया और दो लाख रूपये का गबन कर लिया गया।
इसके बाद नवनिर्वाचित प्रधान प्रशांत गुप्ता ने परियोजना निदेशक को इसकी जानकारी दी। परियोजना निदेशक ने इसे लापरवाही मानते हुए मनोज से 11 फरवरी 2015 को रिकवरी का आदेश कर दिया। इसके बाद 14 दिसंबर2016 पत्र भी भेजा, लेकिन पूर्व प्रधान द्वारा पैसा खाते में जमा नहीं कराया गया। इस बात को लेकर ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया और वह बुधवार को सड़क पर उतर गए। मधुबन बेल्थरा मार्ग को दरगाह के सामने जाम कर दिया। सूचना पाकर आधे घंटे बाद ही मौके पर कोतवाल दलबल के साथ पहुंचकर जाम को हटवाया। दोनों प्रधान और उनके समर्थकों को थाने पर बुलाया।काफी जद्दोजहद के बाद मामले को समझौते से हल कराकर शांत किया।