संयुत ग्रामीण बैंक मादी सिपाह में हुए घोटाले का जांच अभी पूरी भी नहीं हुई कि बैंक के कोरौली शाखा में लाखों का घोटाला हो गया।
मामले में रीजनल मैनेजर सीपी राम ने शाखा प्रबंधक केएमसी वर्मा एवं सेकेंड आफिसर शमीमुल हसन को सस्पेंड कर दिया है। मामले की जांच के लिए गठित टीम सोमवार को बैंक पहुंची और रिकार्ड खंगालती रही।
काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक कोरौली में कई खाताधारकाें के खातों से धन गबन हुआ है। यह मामला तब सामने आया जब बैंक के ही गाजीपुर रिजनल आफिस में तैनात अधिकारी मुकु ल अपने पिता के खाते की जानकारी के लिए पहुंचे। उनके पिता का देहांत हो चुका है।
सामने आया कि 20 हजार रुपये फर्जी ढंग से निकाल लिए गए हैं। जब उन्होंने शिकायत की तो ऐसे कई मामले सामने आए। विभाग ने गोपनीय ढंग से जांच शुरू की तो 25 लाख से अधिक की हेराफेरी का मामला उजागर हुआ, अभी जांच चल रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए रीजनल मैनेजर सीपी राम ने शाखा प्रबंधक केएमसी वर्मा एवं सेकेंड अधिकारी शमीमुल हसन को सस्पेंड कर दिया।
साथ ही एक जांच टीम वीके सिंह के नेतृत्व में गठित की। सोमवार को जांच अधिकारी वीके सिंह ने बैंक में पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू की तो कई लोगों का मामला प्रकाश में आया।
इस संबंध में जांच अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। कई खातों से धन निकाले जाने का मामला प्रकाश में आया है।
बता दें कि नवंबर-दिसंबर में काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक मादी सिपाह में भी इसी प्रकार का मामला हुआ था। इसमें शाखा प्रबंधक एवं कैशियर के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
सैकड़ों खातों से एक करोड़ से अधिक का गबन प्रकाश में आया था, लेकिन अभी भी उन गबन के पीड़ित खाता धारकों का धन सभी को नहीं मिल पाया।
इस संबंध में रीजनल मैनेजर सीपी राम का कहना है कि बैंक में गड़बड़ी की शिकायत पर शाखा प्रबंधक केएमसी वर्मा एवं सेकेंड अधिकारी शमीमुल हसन को निलंबित कर दिया गया है। मामला बैंक से जुड़ने के चलते गोपनीय है। इसके चलते इसे विस्तृत रूप से नहीं बताया जा सकता है।