अमिला के अक्टहवां गांव में अधेड़ की हत्या के बाद सड़क जाम करतीं महिलाएं।
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घोसी कोतवाली क्षेत्र के अमिला गांव के अकटहा दलित बस्ती निवासी अधेड़ कृपाल (45) की हत्या शनिवार की रात कर बदमाशों ने हत्या कर दी। शव की पहचान मिटाने के लिए सिर को भारी वस्तु से कूंच दिया और लाश शांतानंद स्वतंत्र भारत इंटर कालेज के मैदान में फेंककर फरार हो गए। रविवार की सुबह अधेड़ की लाश मिलने पर नाराज ग्रामीणों ने अमिला-अजमतगढ़ मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। दो घंटे बाद मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार और कोतवाली प्रभारी ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जबकि मृतक की पत्नी की तहरीर पांच लोगों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट पुलिस ने दर्ज की।
मृत कृपाल मूलरुप से रसड़ी गांव का निवासी था, लेकिन बचपन से ही वह अमिला गांव के अकटहवा मौजा स्थित अपने नाना के घर रहा था। कृपाल शनिवार की शाम शौच के लिए निकला, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। पति के घर वापस न लौटने पर पत्नी अनीता और परिवार के सदस्य परेशान हो गए और देर रात तक उसकी तलाश किया। लेकिन उसका पता नहीं चल सका। रविवार की सुबह शौच के लिए निकले ग्रामीणों ने शांतानंद स्वतंत्र भारत इंटर कालेज के मैदान में हत्याकर फेंका गया शव देखा। शव के पास रक्त रंजित डंडा और सरिया पड़ा था। लाश की सूचना पर ग्रामीण मौके पर जुट गए।
पत्नी अनीता ने शव की शिनाख्त पति के रूप में की। बताया कि गांव के कुछ लोग उसे पति की हत्यो की साजिश काफी समय से कर रहे थे। कई बार पति को धमकी दी गई।
उधर, घटना से नाराज दलित बस्ती के पुरुषों और महिलाओं ने अमिला-आजमगढ़ मार्ग पर इंटर कालेज के सामने शव रखकर जाम लगा दिया और हत्यारों की गिरफ्तारी, परिजनों को मुआवजा और कोतवाल को हटाने की मांग करने लगे। दो घंटे बाद जाम स्थल पर पहुंचे नायब तहसीलदार नर्वेश सिंह ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। उधर, कृपाल 45 की हत्या के बाद रविवार की सुबह शव मिलने पर उसके परिवार पर वज्रपात हो गया। कृपाल मेहनत मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता था। उसके परिवार में पत्नी अनीता के अलावा पुत्र अलोक( 10), अभय (5), अंजन ी(7) और अलका (4) हैं। सभी का रो-रो कर बुरा हाल था। सीओ घोसी अनिल कुमार का कहना है कि प्रथम दृष्टया घटना का कारण जमीनी विवाद सामने आया है।