किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान न्यायाधीश शुभम वर्मा के समक्ष सरायलखंसी थाना के अभिरक्षा से फरार होने के एक मामले में किशोर को गिरफ्तार कर रिमांड के लिए पेश किया गया। न्यायाधीश ने किशोर की गिरफ्तारी नियम विरुद्व पाते हुए रिमांड को निरस्त कर दिया। साथ ही विवेचक एसआई शंकर राठौर से तीन दिन में स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। साथ ही आदेश की प्रति प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास, डीआईजी और एसपी को भेजे जाने का आदेश दिया।
मामले के अनुसार, राजकीय संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक ने सरायलखंसी थाना को लिखित सूचना दिया कि आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के आयुध अधिनियम के एक मामलें में किशोर न्याय बोर्ड आजमगढ़ के आदेश पर निरुद्ध किशोर आठ जून 2018 को दवा लेने के लिए गिरिशचंद पांडेय केयर टेकर की अभिरक्षा में जिला चिकित्सालय गया था, जहां से वह भाग गया। जिस पर सरायलखंसी थाने में मुकदमा पंजीकृत हुआ। किशोर को नौ जून को उसके चाचा ने संप्रेक्षण गृह को सौंपा। इसकी सूचना थाने को भी दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि किशोर के विरुद्व अतिरिक्त कार्रवाई नहीं की जाएगी।
11 जून को किशोर बोर्ड के समक्ष किशोर को पेश किया गया। बोर्ड ने किशोर को किशोर न्याय बोर्ड आजमगढ़ के समक्ष पेश करने का आदेश दिया। किशोर बोर्ड से निकलते ही कलेक्ट्रेट परिसर में ही उपनिरीक्षक शंकर राठौर ने किशोर को गिरफ्तार कर लिया और गाजीपुर तिराहा से उसकी गिरफ्तारी दिखाकर उसी दिन किशोर बोर्ड के समक्ष रिमांड के लिए पेश किया गया।
किशोर बोर्ड के प्रधान न्यायाधीश ने अपने आदेश में लिखा कि किशोर को सहायक अधीक्षक बोर्ड के समक्ष साढ़े दस बजे पेश किया था। एसआई शंकर राठौर ने किशोर को बोर्ड की अभिरक्षा से आजमगढ़ पेश करने के लिए ले जाते समय कलेक्ट्रेट परिसर से गिरफ्तार किया और गिरफ्तारी गाजीपुर तिराहा दिखाया है। जो किशोर न्याय बोर्ड के प्राधिकार को चुनौती देता है और अवमानना की श्रेणी में आता है। न्यायाधीश ने दरोगा शंकर राठौर को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया।