जिला कारागार में कई बार निरीक्ष्ाण के दौरान
मोबाइल, चार्जर मिलने के बाद भी सख्ती नहीं दिख रही। शुक्रवार की रात
जिलाधिकारी चंद्रकांत पांडेय एवं पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ल ने
मयफोर्स संयुक्त रूप से जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया।
रात के समय भी
एक अपराधी जो वाराणसी के डिप्टी जेलर हत्याकांड में बंदी है, वह बैरक के
बजाय गेट के पास ही घूमता मिला। आरोपी अरविंद सिंह डिप्टी जेलर वाराणसी
अनिल त्यागी सहित पखईपुर हत्याकांड का आरोपी है।
छापेमारी के दौरान एक बैरक
से चाकू सहित एक लोहे का पलटा भी मिला। जिलाधिकारी चंद्रकांत पांडेय
एवं पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ल ने तीन एसडीएम, तीन सीओ सहित भारी
संख्या में फोर्स के साथ शुक्रवार की रात जेल कारागार का औचक निरीक्षण
किया।
जैसे ही वे गेट के भीतर पहुंचे एक अपराधी टहलते हुए
पाया गया। पूछताछ के दौरान वह वाराणसी के डिप्टी जेलर अनिल त्यागी और
पखईपुर दोहरेहत्याकांड का आरोपी अरविंद सिंह निकला।
अरविंद सिंह को
शुक्रवार की शाम को ही डिप्टी जेलर हत्याकांड में वाराणसी से रिमांड से
लाया गया था। जेल गेट में इंट्री होने के बाद भी जेल के कागजातों में कहीं
भी उसकी लिखा पढ़ी नहीं हुई थी
और न ही उसे बैरक में ही भेजा गया था। यह
देखकर जिलाधिकारी चंद्रकांत पांडेय ने जेल प्रशासन को फटकार लगाई।
बारी-बारी से बैरकों का निरीक्षण करने पर एक बैरक से एक चाकू और एक लोहे का
हथियारनुमा
पलटा बरामद हुआ। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने इस अव्यवस्था
पर पूरे जेल प्रशासन के विरुद्ध शासन को पत्र लिखा है। इस संबंध में
जिलाधिकारी चंद्रकांत पांडेय एवं
पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ल का कहना
है कि जेल में मिली गड़बड़ियों के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।