मन में बेटी के शादी का अरमान संजोकर घर आ रहे रामप्रसाद गुप्ता और उनके परिवार के सदस्यों को क्या पता था कि आगे काल उनके लिए मुंह बांए खड़ा है। बेटी की शादी के सपने संजोकर इंदौर से परिवार के सदस्यों के साथ चले रामप्रसाद की कानपुर रेल हादसे में मौत हो गई।
इस घटना ने ना सिर्फ उनके परिवार के सदस्यों बल्कि पूरे गांव के लोगों को हिलाकर रख दिया है। सोमवार को रामप्रसाद का शव घर पहुंचते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। घर पर हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। परिवार के सदस्यों की चीख पुकार से हर कोई द्रवित हो जा रहा था।
घटना में परिवार के 12 बैग में पांच बैग भी गायब हैं। इनमें तीन लाख रुपया शादी के लिए भी रखा हुआ था। सोमवार को परिवार के सदस्य और परिवारीजन अंत्येष्टि के लिए गाजीपुर रवाना हो गए।
हलधरपुर थाना क्षेत्र के बिलौंझा गांव निवासी रामप्रसाद की बेटी रुबी की 26 दिसंबर को शादी है। वह बेटी रूबी के साथ अन्य बेटी अर्चना, खुशी एवं पुत्र विशाल और अभिषेक के साथ घर आ रहे थे। बड़ा बेटा कृष्णकांत घर पर ही था।
परिवार के सदस्य शादी की पूरी तैयारी करके आ रहे थे और छोटे-बड़े कुल 12 बैग के साथ ही एक बैग में तीन लाख रुपया भी नगद रखे थे। कानपुर के समीप रेल हादसे में रामप्रसाद की मौत हो गई। इसमें रूबी गंभीर रूप से तो अन्य भाई बहन को भी हल्की चोटें आई।
घटना के बाद परिवार के सभी सदस्य घंटो बिछड़े रहे। काफी प्रयास के बाद किसी तरह से सब मिले, लेकिन उस समय सभी पिता के शव के पास खड़े थे। उनका पांच बैग भी गायब था जो अभी तक नहीं मिला है। उसमें से रुपये वाला बैग भी गायब है। घटना की सूचना पाकर रूबी के ससुराल वाले भी मौके पर पहुंच गए।
वह रूबी के परिवार के सदस्यों से हालचाल के साथ ही इस दुख की घड़ी में रिश्ता को कायम रखने के लिए परिवार के साथ खड़े हैं। रामप्रसाद के शव को लेकर गांव एवं परिवार के सदस्य गाजीपुर के लिए रवाना हो गए। इस घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।