मुहम्मदाबाद गोहना। रेलवे स्टेशन के पास रेल महकमा द्वारा आवंटित दूकानों पर अतिक्रमण हटाए जाने के नाम पर की गई तोड़फोड़ का मामला अब तूल पकड़ लिया है। अतिक्रमण हटाए जाने के दो दिन बाद रेलवे सुरक्षा बल के जवानों द्वारा दूकान मालिकों और पटरी पर मछली बेचने वालों से वसूली किए जाने का विडियो वायरल होने पर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। व्यापारियों ने आरपीएफ पर जबरन वसूली करने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत किया था। जिसे रेल विभाग की विजिलेंस टीम ने गंभीरता से लिया और जांच शुरू कर दी।
बता दें कि एक सप्ताह पूर्व रेलवे की टीम ने मुहम्मदाबाद गोहना रेलवे स्टेशन के पास शहीद चैराहा पर रेलवे की जमीन में आवंटित दूकानों के सामने लगे टीन शेड, छप्पर, चूल्हा और चबूतरा इत्यादि को तोड़ दिया था। अतिक्रमण हटाए जाने के दूसरे दिन ही आरपीएफ के दो तीन जवान कस्बा में आकर दूकान मालिकों से जबरन वसूली करने लगे। इतना ही नहीं पैसा न देने पर किसी भी हालत में दूकान न लगाने की धमकी दिए। इस दौरान किसी ने पुलिस कर्मियों द्वारा पैसा मांगने और हड़काने का विडियो बना लिया। आरपीएफ के जवानों ने रेलवे की जमीन में पटरी पर मछली की दूकान लगाने वालों तक को नहीं बख्शा उनसे रुपये की मांग की, इस विडियो को लेकर व्यापारी भी फ्रंट पर आ गए है। पुलिस कर्मियों के इस करतूत का शिकायत रेल मंत्रालय से लेकर डीआरएम, प्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे के साथ ही विभाग की विजिलेंस टीम से भी की गई है। उधर मामले को लेकर रेल संघर्ष समिति के संयोजक और कांग्रेस नेता वीरेंद्र तिवारी की शिकायत पर गोरखपुर स्थित विजिलेंस टीम के इंस्पेक्टर राधेश्याम वर्मा ने पूरे घटना की जानकारी प्राप्त कर जल्द ही जांच किए जाने का भरोसा दिलाया है। व्यापारियों की शिकायत पर सोमवार को मऊ रेलवे स्टेशन पर तैनात इंस्पेक्टर डीके राय ने कस्बा में जाकर व्यापारियों से लिखित और मौखिक बयान दर्ज कराया है। पुलिस कर्मियों द्वारा वसूली और इसका विजुअल वायरल होने के बाद व्यापारी अब आरपार की लड़ाई लड़ने की तैयारी में है।