मऊ। छेड़खानी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बनी एंटी रोमियो की टीम चाहे लाख कागजों की खानापूर्ति करें फिर भी महिलाएं अभी अपने आप को पूर्ण रूप से सुरक्षित नहीं महसूस कर रही हैं। एंटी रोमियो के चश्मे से हालांकि जिले में छेड़खानी की एक भी गंभीर मामले नहीं आए। जो मामूली मामले प्रकाश में आए उनमें ऐसे लोगों को माफीनामा या हिदायत देकर छोड़ दिया गया। महज दो लोगों को गिरफ्तार कर चालान किया गया है लेकिन अन्य मामलों में देखा जाए तो जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 20 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं। जिसकी पुलिस जांच पड़ताल कर आरोपियों की तलाश कर रही है। हाल में ही 10 अगस्त को तो घोसी कोतवाली क्षेत्र में एक स्कूली बस में घुसकर आरोपियों ने छात्राओं के साथ छेड़खानी की तो मामला चक्का जाम एवं धरना प्रदर्शन तक पहुंच गया। हालां कि इस मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान किया।
जिले में छेड़खानी की घटनाएं एंटी रोमियो टीम के प्रत्येक थानों पर गठन होने के बाद भी रुकने का नाम नहीं ले रही है। एंटी रोमियो टीम का कामकाज देखा जाए तो अगस्त माह तक 4240 स्थानों पर चेकिंग की गई। इसमें दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। जब कि 150 से अधिक मनचलों को माफीनामा देकर छोड़ दिया गया। 100 से अधिक मनचलों के वाहनों की चेकिंग कर उन्हें सीज किया गया और चालान किया गया। इससे अलग विभिन्न थानों में देखा जाए तो छेड़खानी के 20 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं। इनमें मधुबन में चार, घोसी कोतवाली में पांच, शहर कोतवाली में तीन, दक्षिणटोला में दो मामले हैं। इसके अलावा अन्य थानों में भी एक से दो मामले दर्ज हुए हैं। इस प्रकार देखा जाए तो एंटी रोमियों की टीम हर थानों पर तैनात है। इसमें एक एसआई, दो पुरुष कांस्टेबल, दो महिला कांस्टेबल तैनात किए गए हैं जो प्रत्येक संवेदनशील स्थानों, विद्यालय के रास्तों सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर प्रतिदिन चेकिंग करते हैं। इसकी मानिटरिंग भी शासन स्तर से प्रत्येक दिन होती है बावजूद इसके जिले में छेड़खानी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव का कहना है कि छेड़खानी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एंटी रोमियों की टीम गठित की गई है ताकि ऐसा करने वालों में भय बना रहे। इसका रिजल्ट भी आया है कि मनचलों में सार्वजनिक छेड़खानी की घटनाओं के प्रति भय भी बना है। बताया कि कुछ मामले थानों में दर्ज हैँ जिसकी विवेचना और जांच पड़ताल के बाद आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। शासन की मंशा के अनुरुप छेड़खानी की घटनाओं के प्रति पुलिस सक्रिय रह रही है।