मऊ। विदेश में वेल्डर की नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा लेने और मजदूरी का वीजा देने के मामले में नामजद होकर फरार चल रहे धोखाधड़ी के मामले में वांछित आरोपी ने पुलिस के दबाव बनाने पर बुधवार को सीजीएम कोर्ट में समर्पण किया। सीजेएम लोकेश नागर ने पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया। इससे पूर्व आरोपी की तरफ से वारंट रिकाल करने के लिए प्रार्थना पत्र सीजेएम कोर्ट में दिया गया था, जिसे सीजेएम ने निरस्त कर दिया।
मामले के अनुसार सरायलखंसी थाने के बुनकर कॉलोनी इमिलिया मौजा निवासी मोहम्मद हासिम पुत्र अब्दुल कत्तार की अर्जी पर कोर्ट के आदेश के बाद थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का आरोप था कि आरोपीगण उसके लड़के को सऊदी अरब दमाम में वेल्डर की नौकरी दिलाने के नाम पर 85 हजार रुपये लिए और वेल्डर की नौकरी का बीजा न देकर उसे मजदूरी का बीजा दिया। पैसा वापस मांगने पर उसे पैसा वापस नहीं किया अपितु जान से मारने की धमकी दिया। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना परवेज अहमद और बुनकर कालोनी इमिलिया निवासी शाहनवाज अहमद पुत्र सोवराती के विरुद्ध जालसाजी के मामले में आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में हाजिर न होने पर सीजेएम ने शहनवाज अहमद के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उसकी संपत्ति कुर्क करने के लिए नोटिस जारी किया था। इसके बाद आरोपी शहनवाज अहमद बुधवार को सीजीएम कोर्ट में हाजिर हुआ। उसकी ओर से उसके अधिवक्ता ने वारंट निरस्त करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर सुनवाई के बाद सीजेएम ने प्रार्थना पत्र निरस्त करते हुए आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेज दिया।