मऊ। शहर कोतवाली क्षेत्र के सदर चौक स्थित ज्वैलरी की एक दुकान के मालिक को मंगलवार को उज्जैन से आई जीआरपी ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई। आरोपी पर उज्जैन और रतलाम क्षेत्र से गुजरने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों में चुराए गए 14 लाख के आभूषणों को खरीदने का आरोप है। आरोपी दीपक जौहरी की तलाश में इसके पूर्व भी तीन बार उज्जैन की जीआरपी यहां आई थी लेकिन आरोपी उसकी पकड़ में नहीं आ सका था।
2016 में साबरमती और शांति एक्सप्रेस ट्रेनों में 14 लाख रुपयों से अधिक के आभूषणों की चोरी हुई थी। मामले में उज्जैन जीआरपी ने नगर के ही किशन अग्रवाल नामक एक व्यक्ति को पकड़ा था। उससे पूछताछ के बाद जीआरपी को मऊ नाथ भंजन के ही दीपक जौहरी का नाम चोरी के गहने खरीदने में सामने आया था। उज्जैन जीआरपी के इंसपेक्टर विपिन बाथम अपनी टीम के साथ दीपक की तलाश में नगर में आए। रात दस बजे दीपू अपनी दुुकान पर आया तो उसे जीआरपी ने उसे कब्जे में ले लिया। इसके बाद उसे शहर कोतवाली लाया गया। जीआरपी उसे बाहर ही बाहर उज्जैन ले जाना चाहती थी लेकिन मुकामी पुलिस की आपत्ति के बाद जीआरपी ने उसे मंगलवार को सीजेएम की अदालत में पेश किया। जीआरपी के प्रार्थनापत्र पर सीजेएम ने आरोपी दीपक को ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर लिया।
सीओ राजकुुमर का कहना है कि सराफा के विरुद्ध चोरी के गहने खरीदने का आरोप है। इससे संबंधित उज्जैन जीआरपी थाने में दो मुुकदमे वर्ष 2016 में ही दर्ज हैं। इन्हीं मुकदमों के सिलसिले में जीआरपी दीपक को अपने साथ ले गई।