मऊ। सराय लखंसी थाने में रविवार की शाम फातिमा अस्पताल के एक डॉक्टर समेत स्टाफ के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया। वादी महिला ने अपने पोते का डॉक्टर द्वारा अंगूठा काटे जाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। जिस पर पुलिस ने संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला तारा यादव हलधरपुर थाना क्षेत्र के कीतर सराय गांव निवासी श्रीकांत यादव की पत्नी है। दर्ज मामले में तारा ने पुलिस को बताया कि उसके बेटे सत्येंद्र प्रताप को 30 अगस्त को पुत्ररत्न की प्राप्ति हुई। लेकिन कुछ दिक्कत होने पर बच्चे को उपचार के लिए जिला मुख्यालय स्थित फातिमा अस्पताल के आईसीयू में दो सितंबर को भर्ती कराया गया। यहां उपचार के दौरान उनके नवजात का अंगूठा कट गया। इस बात की जानकारी उन लोगों को देर से दी गई। अंगूठा कैसे कटा, पूछे जाने पर डाक्टर अतुल राय ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। जबकि परिवार वालों को आश्वासन देकर बच्चे का उपचार किया जाता रहा। इस बीच बच्चे की तबियत ज्यादा खराब हो गई। इस पर नवजात को लेकर परिवार के सदस्य 11 सितंबर को लखनऊ चले गए। वहां डाक्टरों ने बच्चे की हालत गंभीर देख उसे केजीएमसी रेफर कर दिया। केजीएमसी के डाक्टरों ने नवजात को भर्ती कर लिया। लेकिन संक्रमण ज्यादा होने के कारण पूरा अंगूठा काटकर अलग करने की बात की। बच्चे का जीवन बचाने के लिए परिवार के सदस्यों ने डाक्टरों को अंगूठा अलग करने की अनुमति दे दी। बच्चे का उपचार अभी भी लखनऊ में चल रहा है।
तारा यादव ने नवजात का अंगूठा कटने के लिए फतिमा अस्पताल के डाक्टर अतुल राय और आईसीयू के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस तारा यादव की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। सीओ नगर राजकुमार ने बताया कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।