मऊ। सोमवार को स्वाट टीम व घोसी पुलिस ने विनोद हत्याकांड के दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान सरवां नहर पुलिया के पास दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि दो अन्य अभियुक्त भाग निकलने में सफल रहे। पकड़े गये एक अभियुक्त के कब्जे से एक अदद तमंचा , कारतूस बरामद हुए। ये विनोद हत्याकांड के आरोपी हैं, इन पर कई मुकदमे दर्ज हैं। यह जानकारी एसपी अभिषेक यादव ने पुलिस लाइन में पत्रकारों को दी।
पुलिस के अनुसार घोसी कोतवाली के मझवारा मोड़ पर स्वर्ण व्यवसायी विनोद सेठ की दूकान में 24 अप्रेल को घुसकर बदमाशों ने रुपयों व गहनों से भरा बैग छीन लिया था। विरोध करने पर बदमाशों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। पकड़े गये अभियुक्त सत्य प्रकाश उर्फ सत्या पुत्र रवींद्र यादव ग्राम रायबारी थाना बरहज, देवरिया ने बताया कि फरार मुख्य अभियुक्त रामाश्रय व राहुल साहनी के बुलाने पर वह 23 अप्रैल की रात मऊ आए थे। राहुल एवं रामाश्रय के साथ एक गांव में रुके थे। 24 अप्रैल को सीडी डीलक्स मोटरसाइकिल से रामाश्रय व राहुल के साथ मझवारा मोड़ स्थित स्वर्ण व्यवसायी की दूकान के पास पहुंचे। सत्य प्रकाश मोटरसाइकिल चला रहा था। स्वर्ण व्यवसायी की दूकान के पास स्टार्ट मोटरसाइकिल खड़ी करवा कर रामाश्रय व राहुल साहनी दूकान में जाकर बैग छीनने लगे। विरोध करने पर राहुल साहनी ने स्वर्ण व्यवसायी को गोली मार दी तथा बैग छीन लिया। बाहर निकलने के दौरान स्वर्ण व्यवसायी को आता देख राहुल साहनी ने दुबारा गोली मारी, फिर रामाश्रय व राहुल साहनी मोटरसाइकिल पर बैठ गये और मझवारा पहुंचे। जहां चेकिंग होता देखकर सत्य प्रकाश को मोटरसाइकिल से उतार दिए। बैग में डेढ़ लाख रुपया, तीन सोने की अंगूठी तथा एक सोने की चेन थी। रामाश्रय ने उसमें से दस हजार रुपया सत्य प्रकाश को दिया और कहा कि गहने बेचने के बाद हिस्सा दिया जाएगा। थोड़ी देर के बाद रवींद्र यादव उर्फ सिपाही मोटरसाइकिल से आकर सत्य प्रकाश को इन्दारा स्टेशन छोड़े जहां से वह इलाहाबाद आ गया। लूट में मिले दस हजार रुपयों को खर्च होने के बाद पुलिस दबाव के नाते दूसरे प्रदेश में भाग जाने के कारण रामाश्रय ने उसे हिस्से का रुपया नहीं दिया। पुलिस सभी अभियुक्तों की तलाश कर रही थी। सोमवार को पुलिस ने इनमें सत्यप्रकाश एवं अशोक यादव को गिरफ्तार करने में सफलता पाई। अशोक यादव उस दिन घटना में शामिल नहीं था, लेकिन वह उनके साथ अन्य घटनाओं का साथी है। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम को पांच हजार पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की है।