घोसी। स्थानीय किसान सहकारी चीनी मिल में गत बुधवार को घटतौली को लेकर किसानों के आंदोलन करने के दूसरे दिन उपजिलाधिकारी के आश्वासन के बाद भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से किसानों में आक्रोश पनप रहा है। बुधवार की देर रात एसडीएम के निर्देश पर मिल प्रशासन ने एक लिपिक को सौंप दिया। पुलिस ने गुरुवार को लिपिक का चालान कर दिया।
किसान चीनी मिल घोसी के एक कंप्यूटराइज तौल कांटे से घटतौली होने पर किसानों ने बवाल काटा था। उपजिलाधिकारी ने मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का फरमान जारी किया था। लेकिन दूसरे दिन कार्रवाई होने के बजाय कागज में जांच ही होती रही। बुधवार की देर शाम उपजिलाधिकारी के आदेश की अवहेलना तथा ठीक से व्यवहार न करने को लेकर तौल लिपिक को बुधवार की देर शाम पुलिस को हवाले कर दिया। जिसपर कोतवाली पुलिस ने उसका शांतिभंग में गुरुवार को चालान कर दिया। वहीं संदिग्ध तौल कांटे पर तौल बंद रही। वहीं गन्ना किसानों का गन्ना ट्रक कांटा से तौल हुआ।
दूसरे दिन संदिग्ध कांटे पर तौल बंद रहने से किसान खुश नजर आए। जिलापंचायत सदस्य अवधेश बागी का कहना था कि किसान चीनी सहकारी मिल के कांटे पर घटतौली होना गंभीर मामला है। यह सब विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से संभव है। मामले की जांच कराकर संबंधित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। इस बाबत उपजिलाधिकारी डॉ. सीएल सोनकर का कहना है कि बुधवार को निर्देश न मानने वाले कर्मचारी को पुलिस को सौंप दिया गया है। घटतौली गंभीर मामला है। विवादित कांटा को बंद कर दिया गया है। जांच जारी है। जिलाधिकारी को शीघ्र ही जांच रिपोर्ट भेज दी जाएगी।