मऊ । जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयश्री आहूजा ने जालसाजी के मामले में आरोपि की जमानत अर्जी खारिज कर दिया। जिला जज ने यह आदेश बचाव पक्ष और प्रभारी डीजीसी फौजदारी के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है । मामले के अनुसार वादी मुकदमा इमरान के पिता नेसार अहमद के नाम से आराजी थी। वादी के पिता की मृत्यु के बाद मृतक आराजी पर वादी और उसके भाई का नाम सरकारी अभिलेख में दर्ज हुआ। बाद में 28 फरवरी 2017 को अभियुक्त गुफरान ने मुस्तफा आदि से मिलकर जाली फर्जी तरीके से बैनामा करा लिया गया। मामले में आरोपी कोपागंज थाना क्षेत्र के हक़ीमपुरा निवासी मुस्तफा पुत्र अलाउद्दीन की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई । अर्जी पर बचाव पक्ष और प्रभारी डीजीसी फौजदारी शिवदत्त यादव के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद जिला जज ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दिया।