शहर कोतवाली क्षेत्र के मलिकताहिर पुरा मुहल्ले से नकली नोट छापने की मशीन बरामद होने और तीन आरोपियों के दबोचे जाने के बाद से स्पष्ट हो गया था कि जिले में नकली नोट खपाने वाला गिरोह सक्रिय है। मंगलवार को इसराफिल की गिरफ्तारी से स्पष्ट हो गया कि पुलिस की निगाह में इस नेटवर्क से जुड़े और भी लोग है। हालांकि पुलिस चिह्नित किए गए आरोपियों के नाम का खुलासा तो नहीं की है। लेकिन इस बात से इंकार भी नहीं की है कि आगे और आरोपी नहीं है।
काफी समय पूर्व दक्षिण टोला थाने की पुलिस ने नौशाद नामक युवक को नकली नोट के साथ गिरफ्तार की थी। इसके बाद से कई और आरोपी पुलिस के हत्थे चढे। लेकिन यह पहला मौका था कि जब एटीएस वाराणसी के सहयोग से पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा। साथ ही मलिक ताहिरपुरा मुहल्ले से नकली नोट छापने में प्रयोग होने वाले लैपटाप और प्रिंटर आदि के साथ एक लाख 29 हजार रुपये का नकली नोट बरामद किया। इस दौरान पकड़े गए आरोपियों में मुख्य आरोपी मो. मंसूर मलिक ताहिरपुरा मुहल्ले का जबकि उसके सहयोगी तालिब और उस्मान मुंशीपुरा मुहल्ले के निवासी है। एसपी ललित कुुमार सिंह ने स्पष्ट किया था कि इस कारोबार की जड़ मऊ में गहरी है, जल्द की और आरोपी दबोचे जाएगे।