मधुबन। थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सभा परशुरामपुर में बीते 20 अप्रैल को संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटकी मिली युवती की लाश की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने मामले का खुलासा किया है। इस घटना के खुलासे को लेकर लखनऊ पहुंचकर पिंकी के परिवार के सदस्यों ने वन मंत्री के घर पर विरोध प्रदर्शन किया था।
बता दें गत 20 अप्रैल को परशुरामपुर में शीशम के एक पेड़ से लटकती पिंकी चौहान की लाश मिली थी। पहले तो परिजन उसे दाह संस्कार के लिए ले जा रहे थे। लेकिन किसी ने पुलिस को हत्या करके पेड़ पर लटकाने की सूचना दे दी। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी तरह से हत्या के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे थे। इसी बीच पिंकी की मां व पिता की ओर से थाने से लेकर पुलिस कप्तान तक प्रार्थना पत्र दिए गए। इसी मामले के विरोध में कुछ लोगों ने मंत्री दारा सिंह चौहान के लखनऊ स्थित आवास पर अंडे टमाटर भी फ़ेंके। इसके बाद मंत्री दारासिंह चौहान की पहल पर पुलिस कप्तान के निर्देश पर सीओ अनिल कुमार प्रकरण की जांच शुरू की। सीओ के अनुसार पिंकी की मां व पिता ने सारी बातें बताते हुए पिंकी की मौत के मामले में किसी के शामिल होने से इंकार कर दिया। बताया कि पिंकी की शादी अजमतगढ़ में तय थी जो इसी जून में होनी थी लेकिन वह इस शादी से वह खुश नहीं थी। इस बात को उसने अपनी सहेली से बताया था। इससे नाखुश होकर उसने आत्महत्या का फैसला ले लिया। शनिवार को मधुबन थाना परिसर में प्रेसवार्ता का आयोजन कर सीओ घोसी अनिल कुमार ने पिंकी की मौत के रहस्यों से पर्दा उठाते हुए बताया कि पिंकी चौहान पुत्री राजू चौहान अपनी होने वाली शादी से खुश नहीं थी। उसकी शादी जिस युवक से परिवार के लोगों ने तय किया था, वह उससे उम्र में आठ वर्ष बड़ा था। जबकि पिंकी अपने एक प्रेमी से शादी करना चाहती थी। ऐसा न होने पर पिंकी ने आत्महत्या कर लिया। पिंकी के परिजनों ने भी यह कबूल किया, कि इस आत्महत्या में कोई दोषी नहीं है। पिंकी की एक सहेली के सूचना देने पर पुलिस को इस बात की जानकारी हुई। इस पर पूछताछ करने पर परिवार के सदस्यों ने सच को कबूल किया। सीओ अनिल कुमार ने बताया कि मृतका की मां व पिता दोनों ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दिया है।