सरायलखंसी थाना क्षेत्र के ताजोपुर किन्नूपुर गांव में लगभग ढाई साल पहले ब्याही गई एक युवती को दहेज के लिए उसके ससुराल वालों ने जलाकर मार डाला था। इस मामले में मृतका के पति, सास, ससुर ,देवर और ननद के विरुद्ध पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। इनमें से चार आरोपी ढाई महीने भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी की गुहार लगाने वृद्ध दंपती 20 किलोमीटर दूर से रोजाना साइकिल से थाना पर आते हैं, पुलिस से गुहार लगाते हैं और फिर आश्वासन की पोटली सिरपर रखकर चले जाते हैं।
दर्ज मुकदमे के अनुसार, गाजीपुर जिले के मरदह थाने के सिंगेरा गांव निवासी दलित रामप्रवेश पुत्र स्व. भोला ने अपनी बेटी पूजा की शादी वर्ष 2016 की 22 मई को मऊ के सराय लखंसी थाने के किन्नूपुर मौजा निवासी गुलसरन के बेटे संतोष के साथ की थी। आरोप है कि 29 अगस्त 2018 को ससुराल वालों ने पूजा का कमरे बंदकर जलाकर मार डाला। उसे जिला अस्पताल के डाक्टरों के रेफर करने पर आजमगढ ले जा रहा था कि उसकी मौत हो गई। राम प्रवेश की तहरीर पर पुलिस ने 30 अगस्त 2018 को संतोष के साथ मृतका के देवर सतीश, ससुर गुलसरन, सास तारा और ननद शशि कला के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया। जबकि मृतका के मायके वालों ने पति संतोष को पुलिस के हवाले कर दिया था।
उधर, ढाई महीने बाद भी पुलिस हत्यारोपियों को नहीं पकड़ सकी है। मृतका का वृद्ध पिता साइकिल पर पत्नी को बिठाकर प्रतिदिन सरायलखंसी थाने जाता है और आरोपियों की गिरफ्तारी का निवेदन कर लौट आता है। सीओ सिटी आलोक कुमार का कहना है कि जल्दी बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी।