अमिला। घोसी तहसील के चुम्मानार गांव के एक किसान की जमीन बंधक रखकर उसी नाम के एक किसान ने ग्रामीण आवास के लिए ग्रामीण बैंक अमिला से साढ़े आठ लाख का लोन ले लिया। घटना की जानकारी चार साल बाद किसान के भाई को तब हुई जब वह कंप्यूटराइज्ड खतौनी निकाला। खतौनी पर जमीन बंधक अंकित देख उसके होश उड़ गए। इस संबंध में किसान ने बैंक प्रबंधक को प्रार्थनापत्र देकर जांच की मांग की है।
घोसी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 31 मई वर्ष 2014 को काशी गोमती काशी ग्रामीण बैंक से केसीसी लोन स्वीकृत कराया। उसने 12 दिसंबर 2014 को ग्रामीण आवास के लिए साढे आठ लाख रुपये स्वीकृत कराया और यह रकम उसने अपने खाते में लेकर खर्च भी कर दिया। इसमें से उसने एक लाख 25 हजार रुपये जमा भी कर दिया। चुम्मानार निवासी भोला गुजरात में नौकरी करता है। उसके चार भाई राम बचन, लालजी, लालधर और सीता घर पर रहते हैं। बुधवार को भोला का भाई तहसील से अपने खेत की खतौनी निकाला तो उसमें उसके भाई भोला के हिस्से की जमीन काशी गोमती ग्रामीण बैंक अमिला के पक्ष में बंधक अंकित देख उसके होश उड़ गए। उसने अपने भाई को यह सूचना दिया। राम बचन ने बैंक में जाकर पता लगाया तो इस गड़बड़ी का पता चला। इस मामले में भोला के भाई राम बचन का कहना है कि नाम और पिता का नाम एक ही होने का फायदा उठाकर यह घपला किया गया है। इस प्रकरण में पीड़ित भोला ने बैंक प्रबंधक को शिकायती पत्र लिखकर जांच की मांग की है। राम बचन जब बैंक प्रबंधक से मिला तो उन्होंने उसे आश्वासन दिया कि वे उनके भाई के हिस्से की जमीन मुक्त कराएंगे। उधर पीड़ित भोला ने उच्चाधिकारियों को प्रार्थनापत्र लिखकर जांच की मांग किया है। इस बाबत बैंक प्रबंधक बीके तिवारी का कहना है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर विधि संगत कार्रवाई की जाएगी। उधर सीओ नंद लाल का कहना है कि उन्हें अभी इस प्रकरण की शिकायत नहीं मिली है, शिकायत आने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।