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एक ही अर्थी पर बेटियों संग महिला को देख बरस पड़ी आंखें

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मऊ। लखनौर के तिहरे हत्याकांड में मारी गई महिला डिंपल और उसकी दो मासूम बेटियों की लाशें गुरुवार की देर शाम लगभग पौने आठ बजे दोहरीघाट श्मशान घाट पहुंचीं। एक ही अर्थी पर डिंपल और उसकी बेटियों स्काई और श्री की लाशें रखी हुई थीं। जिला मुख्यालय से पीएम के बाद वाहन से एक ही अर्थी पर शवों को दोहरीघाट ले जाया गया । अर्थी पर डिंपल के शव के दोनों तरफ अगल बगल उसकी दोनों मासूम बेटियों के शव रखे गए थे। पीएम के बाद प्लास्टिक में लिपटे शवों को पुलिस ने परिवार वालों को सौंपा था। वाहन से अर्थी को नीचे उतारा गया। अर्थी पर मां की गोद में दोनों मासूम बेटियां चिरनिद्रा में सो गई थीं। सिरफिरे पिता ने ही मासूमों को दुनिया देखने से पहले से ही काल के मुंह में धकेल दिया था। यह हृदयविदारक दृश्य देख लोगों की आंखें बरबस बरस पड़ीं। दादी चंद्रावती जो कभी इन बच्चियों को गोंद में खेलाई थीं , यह दृश्य देख फूटफूट कर रो पड़ी। लक्ष्मीशंकर के बड़े भाई रविशंकर ने अपने छोटे भाई शिवशंकर और रिश्तेदारों के साथ बच्चियों के शवों को घाघरा में प्रवाहित किया।इसके बाद डिंपल के शव को मुखाग्नि दी। समाचार लिखने तक मृतका अंतिम संस्कार किया जा रहा था। श्मशान घाट पर चिंता जल रही थी। लोगों की आंखें बरस रही थी।
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