मधुबन। जमीन पर हुए अवैध कब्जा को हटाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठी महिला की मांगों पर तीसरे दिन प्रशासन ने उस समय ध्यान दिया, जब महिला ने आत्मदाह की धमकी दिया। इस दौरान गुरुवार को गहरी नींद से जागा प्रशासन गुरुम्हा गांव पहुंचकर अवैध कब्जे को हटवाया। इस दौरान पुलिस और एसडीएम को महिलाओं के विरोध का भी सामना करना पड़ा। कब्जा हटाने के दौरान क्षेत्राधिकारी मधुबन श्वेता आशुतोष ओझा मौके पर खुद मौजूद रही। बताते चले मधुबन तहसील क्षेत्र के गुरुम्हा गांव निवासी सरोज की जमीन पर गांव का मनबढ़ परिवार मड़ई आदि डालकर कब्जा कर रखा था। इस कब्जा को हटवाने के लिए पीड़ित सरोज तहसील और थाने का चक्कर लगाकर थक चुकी थी। सुनवाई न होने पर उसने परिवार के सदस्यों के साथ अनशन शुरू कर दिया। बीते दो सप्ताह से सरोज देवी अपने बच्चों के साथ तीन बार अनशन पर बैठ चुकी थी। लेकिन तीन दिन पहले सरोज जब अनशन पर बैठी और प्रशासन उसकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो उसने आत्मदाह करने की चेतावनी दिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन नींद से जागा और अवैध कब्जा हटवाया। इस संबंध में एसडीएम निरंकार सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जा रही थी। जांच में विपक्षियों के पास उस जमीन से संबंधित कोई कागज नहीं दिखा पाए, इस पर अतिक्रमण को हटाया गया है।