महिला ऐच्छिक ब्यूरो की बैठक रविवार को पुलिस लाइन स्थित मनोरंजन कक्ष में हुई। इसमें 14 पारिवारिक मामले आए, जिनमें तीन मामलों का निस्तारण किया गया। जिसमें दो दंपती सभी मतभेद भुलाकर साथ रहने को तैयार हो गए। एक मामले में विपक्षी के लगातार अनुपस्थित रहने के चलते अग्रिम कार्यवाही के लिए अग्रसारित कर दी गई। शेष पत्रावलियों में बैठक की अगली तिथि तीन मार्च नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजेे जाने का निर्देश दिया गया।
ऐच्छिक ब्यूरो केंद्र के सदस्यों के प्रयास से मंजूर अहमद और एजाज अहमद तथा सुफिया और फैजुर्रहमान ने अपना मतभेद भुलाकर साथ रहने पर सहमति जताई। वही मीना और संजीत के मामले में विपक्षी संजीत के लगातार अनुपस्थित होने के चलते मामले में अग्रिम कार्यवाही के लिए अग्रसारित कर दिया गया। इस दौरान निशा और रामभजन, सोनम चौबे और सोनू तिवारी तथा आरती गुप्ता और कन्हैया गुप्ता के मामले में पक्षकारों ने समय की मांग किया। वहीं सोनम चौरसिया और दीपचंद चौरसिया, विजय और जयश्री औढेकर,नरेन्द्र और उर्मिला, किरन और सत्येंद्र कुमार के मामले में एक-एक पक्षकार उपस्थित हुए। मुहम्मद इरशाद और गुलशन आरा, फैज अहमद और रेयाज अहमद, प्रतिभा प्रजापति और प्रेमप्रकाश प्रजापतिा जितेंद्र और नीलम के मामले में कोई पक्ष उपस्थित नहीं हुआ। जिसके चलते बैठक की अगली तिथि तीन मार्च नियत कर उन्हें नोटिस भेजने का निर्देश दिया गया। इस दौरान ब्यूरो केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, अर्चना उपाध्याय, विनोद कुमार सिंह, डा.एम ए खान, मौलवी अरशद, सोनी सिंह और इशरावती यादव का योगदान रहा।