जिला महिला अस्पताल में तैनात कनिष्ठ लिपिक विनोद कुमार दिवेदी के विरुद्ध कोतवाली पुलिस ने सरकारी धन के 88 हजार रुपयों के गबन का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने 25 अप्रैल को ही एफआईआर दर्ज कर शुरु कर दिया है। सीएमएस ने कनिष्ठ लिपिक के विरुद्ध निदशेक प्रशासन स्वास्थ्य भवन लखनऊ को भी पत्र भेजा है।
मालूम हो कि 23 अप्रैल को सीएमएस डा. माधुरी सिंह ने कमेटी सदस्यों के साथ मिलकर अस्पताल में तैनात कनिष्ठ लिपिक विनोद कुमार दिवेदी से कार्यालय में प्रयोग होने वाली सामानों से संबंधित दस्तावेजों की छानबीन की। जांच के दौरान लिपिक 88 हजार रुपयों से खरीदे गए अधिकांश सामानों को नहीं दिखा सका। सीएमएस ने नाराजगी जताते हुए सभी सामानों को 48 घंटों के अंदर कार्यालय में उपलब्ध कराने का निर्देश् दिया था। दो दिन बीतने के बाद भी वह सामानों को नहीं दिखा सका। इसी बीच लिपिक की पत्नी ने जिलाधिकारी से मिलकर सीएमएस द्वारा पति की प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए शिकायत किया था। डीएम ने प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश सीएमओ को दिया था। दी गई समय सीमा बीत जाने के बाद भी जब लिपिक खरीदे गए सामानों को नहीं दिखा सका तो सीएमएस ने 25 अप्रैल को कोतवाली पुलिस को लिपिक के विरुद्ध तहरीर दे दी। पुलिस ने 88 हजार की राशि से एसएनसीयू वार्ड के लिए खरीदे गए सामानों में हेराफेरी करने के आरोपी लिपिक विनोद कुमार द्विवेदी के विरुद्ध धारा 409 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही प्रारंभ कर दिया। सीएमएस ने इस संबंध में निदेशक प्रशासन स्वास्थ्य निदेशालय को भी पत्र भेज दिया है।
इस संबंध में सीओ सिटी राजकुमार का कहना है कि आरोपी कनिष्ठ लिपिक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।