मऊ। कोपागंज नगर पंचायत की ओर से टैक्सी स्टैंड के ठेकेदारों द्ये वित्तीय वर्ष से बढ़ुुई गई दरों के विरोध के क्रम में शहर कोतवाली क्षेत्र के बलिया मोड़ तिराहे पर रविवार को टेंपो में बैठी सवारियों को उतारने की कोशिश कर रहे हड़ताली टेंपो चालकों को पुलिस ने खदेड़कर भगा दिया। पुलिस का आरोप था कि आटो चालक जाम लगा रहें थे। इस दौरान पुलिस ने तिराहे पर खड़े सात आटो को सीज कर दिया, जबकि कई अन्य का चालान कर दिया। टेंपो चालकों ने पुलिस पर पिटाई और उनके आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया है। टेंपो चालकों का कहना है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों को नहीं सुलझाया तो वे आंदोलन को पूरे जिले में और जरूरत पड़ी तो मंडल स्तर पर विस्तारित करेंगे।
कोपागंज नगर पंचायत की ओर से किए गए टैक्सी स्टैंड के नये ठेके के बाद ठेकेदारों की ओर से बढाई गई दरों का विरोध टेंपो चालक कर रहे हैं। इस क्रम में कोपागंज में शुक्रवार को बंद के दौरान टेंपो चालक संघ के अध्यक्ष पंकज पांडेय की पिटाई कुछ लोगों ने कर दी थी। टेंपो चालक संघ के अध्यक्ष ने इस मामले में ठेकेदार और उनके आदमियों के विरुद्ध तहरीर कोपागंज पुलिस को दिया है। इधर घायल पंकज का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। टेंपो चालक संघ अध्यक्ष के हमलावरों को गिरफ्तार करने और बढ़ाई गई दरें घटाने की मांग करो आंदोलन पर है। रविवार को भी टेंपो चालक संघ के आह्वान मऊ से कोपागंज घोसी मार्ग पर चलने वाले टेपो चालक आंदोलन कर रहे थे। बलिया मोड़ पर कई टेंपो चालक अपने वाहन खड़े कर अन्य चालकों को हड़ताल में शामिल होने का आह्वान कर रहे थे। इस दौरान कुछ टेंपो चालक घोसी की तरफ से सवारियां भक़र कर मऊ की ओर आ रहे थे। बलिया मोड़ पर खड़े टेंपो चालक उन टेंपो से सवारियां उतारने का प्रयास कर रहे थे। इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। कुछ ही देर में मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठियां भांजकर टेंपो चालकों को खदेड़ा। पुलिस ने इस मुहिम में सात टेंपों को अपेक्षित कागजों का अभाव दिखाकर सीज कर दिया। कई टेंपो का चालान भी पुलिस ने कर दिया। टेंपो चालकों का आरोप था कि पुलिस ठेकेदारों का साथ दे रही है और टेंपो चालकों का उत्पीड़न कर रही है। इनका कहना था कि पुलिस की पिटाई से ख्वाजाजहांपुर मुहल्ला निवासी पल्टू , सोनराइच निवासी सोनू और मोनू तथा सुनील घायल हो गए।
कोर्ट के आदेश की अनदेखी कर की जा रही वूसली
टेंपो चालक संघ के अध्यक्ष पंकज पांडेय का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से वर्ष 2009 में ही टैक्सी स्टैंडों से तिपहिया वाहनों से किसी प्रकार का टैक्स न वसूले जाने का आदेश पारित किया गया है। लेकिन कोर्ट के आदेश की अनदेखी करते हुए नगर पंचायत द्वारा नियुक़्त ठेकेदारों द्वारा टेंपो चालकों से अवैध वसूली की जा रही है।