अमिला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़रावं पर बुधवार को एंटी रैबीज इंजेक्शन को लेकर जिलापंचायत अध्यक्ष के बेटे ने सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक से अभद्रता की। विरोध में डाक्टरों ने ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दिया। डाक्टर ने घटना की जानकारी जिला मुख्यालय जाकर सीएमओ सहित सभी डाक्टरों को दिया। शाम को घोसी कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई।
चिकित्सा अधीक्षक डा. प्रदीप मौर्य ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह सुबह दस बजे ओपीडी में मरीज देख रहे थे। इसी बीच तीन युवकों के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष के बेटे डिंपू जायसवाल उनके पास आए और अस्पताल पर एआरवी न होने का कारण पूछा। जब उन्होंने बताया कि एआरवी नहीं है सीएमओ को पत्र लिखकर की मांग की गई है। इतना ही सुनते ही डिंपू आग बबूला हो गए और अपशब्दों का प्रयोग करते हुए केबिन से बाहर आने के लिए ललकारने लगे। घटना से आक्रोशित डाक्टरों ने ओपीडी और इमरजेंसी सेवा ठप कर दी। डाक्टरों ने घटना की जानकारी फोन से सीएमओ को दिया। शाम को डा. प्रदीप मौर्य ने पुलिस को तहरीर दिया। पुलिस ने अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया है।
इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष उर्मिला जायसवाल का कहना है कि डाक्टर के साथ उनके बेटे ने कोई अभद्रता नहीं कीा बल्कि बोझी निवासी सुरेंद्र पांडेय की बेटी को कुत्ते नेा काट लिया है। सुरेंद्र बेटी को एआरवी का इंजेक्शन लगवाने के लिए तीन दिनों से सीएचसी पर दौड़ रहा है। उसकी मदद के लिए डिंपू सीएचसी पर गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में एआरवी नहीं मिलती है लेकिन ठीक सामने स्थित मेडिकल स्टोर से 100 रुपये देने पर इंजेक्शन मिल जाता है। उधर एएसपी एसके श्रीवास्तव का कहना है कि तहरीर में लगाए गए आरोपों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।