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संशोधित खबर पानविक्रेता जिया लाल हत्या कांड का खुलासा

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मऊ। घोसी कोतवाली क्षेत्र के चीनी मिल के पास रहने वाले पान विक्रेता जियालाल हत्याकांड का खुलासा पुलिस ने महज पांच दिनों में ही कर दिया । पुलिस ने हत्यारोपी चचेरे भांजे विष्णु चौरसिया को उसके साथी के साथ रोहित गिरफ्तार की। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल , दाब और हत्यारों के खून लगे कपड़ों को भी अलग अलग स्थानों से बरामद किया। हत्या में शामिल एक अन्य आरोपी की तलाश पुलिस कर रही है। जियालाल ने अपने भांजे से नौकरी दिलाने के नाम पर नौ लाख रुपये लिया था और उसे कथित नौकरी दिलाने वाले को दिया था। पान विक्रेता के ही कहने पर हत्यारोपी भांजे ने कई और लोगों से नौकरी दिलाने के लिए रुपये लेकर जियालाल को दिया था। रुपयों को वापस करने के बढ़ते दबाव से नाराज भांजे ने मामा की हत्या जैसे जधन्य अपराध को अंजाम दे दिया। उसने इस काम में अपने एक साथी की मदद ली।रविवार को एसपी आफिस में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह ने इस हत्याकांड का खुलासा किया।
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एसपी ने बताया कि जियालाल की हत्या के बाद कोतवाली पुलिस के साथ ही स्वाट और सर्विलांस टीम को भी हत्यारों की सुरागरसी के लिए लगा दिया गया था। सीओ अरशद जमाल सिद्दिकी के निर्देशन में तीनों टीमें लगातार हत्यारों की सुरागरसी करने में जुटी थीं। पुलिस की जांच में यह सामने आया कि घटना के बाद मृतक के सभी रिश्तेदार उसके घर मातम पुरसी के लिए आए लेकिन उसका भानजा ( चचेरा) विष्णु चौरसिया नहीं आया था। जबकि वह उसके घर प्राय: आता जाता था। पुलिस ने इस प्वाइंट को नोट किया और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने लगी। पुलिस की जांच ज्यों ज्यों आगे बढ़ी विष्णु पर उसका संदेह पुख्ता होता चला गया। पुलिस ने उसे उठा लिया और कड़ाई से पूछ ताछ करने के बसउ उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया। एसपी के अनुसार विष्णु ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। एसपी ने बताया कि विष्णु ने नौकरी दिलाने के लिए जियालाल ने नौ लाख रुपये दिए थे। जियालाल के ही कहने पर उसने कई अन्य लोगों से भी रुपये लेकर उसे दिए थे। लेकिन किसी को नौकरी नहीं मिली। दूसरे लोगविष्णु पर रुंपये वापस करने के लिए दबाव बनाने लगे। जियालाल रुपये वापस करने में हीला हवाली कर रहा था। इससे विष्णु दबाव में था। एसपी ने बताया कि इससे नाराज विष्णु ने जिला लाल की हत्या करने की साजिश कर डाली। विष्णु चौरसिया मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के सलेमपुर गांव का निवासी है। उसने इस काम में मदद के लिए मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली के ही रामपुर कांधा गांव के रोहित सिंह पुत्र विनोद सिंह को साथ मिला लिया। पांच मार्च को विष्णु घोसी पहुंचा और जियालाल से मिला। उसने रुपये वापस कराने में मदद की बात कहकर एक बड़े अपराधी से मिलाने की बात कहकर जियालाल को अपनी बाइक पर बिठाया और पकड़ी खुर्द गांव के पुल के पास गया। वहां पर पहले से ही नींद की दवा मिलाकर लाए गए बोतल का पानी जियालाल को पिलाया और जब वह मूर्छित हो गया तो साथ लाए गए दाब से प्रहार कर उसका काम तमाम कर दिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसका शव पुल के नीचे फेंक दिया। हत्यारोपी की निशानदेही पर पुलिस ने पकड़ी पुल के पास गेहूं के खेत में फेंका गया हत्या में प्रयुक्त दाब बरामद किया। जब कि देवलास बाजार के पास स्थित ताड़ के पेड़ के पास झाड़ी में फेंके हुए खून लगे कपड़े भी पुलिस ने बरामद किया।पुलिस ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पांच हजार रुपय पुरस्कार की घोषणा किया।
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इनसेट
नामजद आरोपियों की नहीं मिली कोई भूमिका
मृतक के बेटे द्वारा नामजद कराए गए दो आरोपियों की कोई भूमिका इस हत्याकांड में नहीं पाई गई।पुलिस ने इनका नाम इस मुकदमे से हटा दिया है।
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