घोसी कोतवाली क्षेत्र के लखनीमुबारकपुर गांव में मंगलवार को नए कोटेदार के चयन के लिए ग्रामसभा की खुली बैठक में भारी हंगामा हुआ। हंगामे की खबर पर एसडीएम, सीओ समेत कई थानों की फोर्स और यूपी 100 की गाड़ियां भी पहुंच गई। हंगामे के कारण कोटेदार का चयन नहीं हो सका। रघोसी तहसील अंतर्गत लखनीमुबारकपुर गांव में सस्ते गल्ले की दुकान काफी समय से अन्यत्र ग्रामसभा की दुकानों पर ही संबद्ध रही है। एक साल पहले पूर्व में कोटेदार सूर्यनाथ सिंह की ग्रामसभा की सस्ते गल्ले की दुकान को घटतौली तथा विभिन्न प्रकार की अनियमितता के चलते कोटा निरस्त कर मलेरीकोट ग्रामसभा में संबद्ध की गई थी। कुछ महीने तक वितरण के बाद ही उक्त दुकान पर भी अनियमितता की तमाम शिकायतें प्राप्त होने लगी। जिसको संज्ञान में लेते हुए तत्कालीन उपजिलाधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने पांच अप्रैल 2017 को छापा मारकर भारी मात्रा में कालाबाजारी के लिए रखा खाद्यान्न बरामद किया था। जिसके बाद सस्ते गल्ले की दुकान को ग्रामसभा मझवारा में संबद्ध किया गया था। सस्ते गल्ले की दुकान के लिये मंगलवार को ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्रामप्रधान ने कोटेदार चयन के लिए खुली बैठक बुलाई थी। वोटिंग के आधार पर कोटेदार चयन की प्रक्रिया चल रही थी कि कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। ग्रामप्रधान ने मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। सूचना पाकर उपजिलाधिकारी त्रिवेणी प्रसाद वर्मा, सीओ घोसी अरशद जमाल सिद्दिकी , एसओ घोसी सहित यूपी 100 की चार गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। जिसके बाद लोगों को वहां से हटाते हुए तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित किया गया। इसके कारण कोटेदार का चयन नहीं हो सका।